दिमागी/मानसिक थकावट से है परेशान, तो ये बन सकती है बड़ी मुसीबत, जान लें ये जरुरी जानकारी….।

स्वास्थ्य : मानसिक थकावट तब होती है जब आपके मस्तिष्क को बहुत अधिक उत्तेजना मिलती है और वो लगातार अशांत रहता है या उसे बिना आराम के तीव्र स्तर की गतिविधि लगातार बनाए रखनी पड़ती है। ऐसे में आपको मानसिक थकावट का अनुभव हो सकता है, जिसे कभी-कभी मानसिक थकान भी कहा जाता है, यदि आप अक्सर बहुत कम या बिना किसी ब्रेक के लंबे समय तक काम या अध्ययन करते रहते हैं तो आपको मानसिक पीड़ा हो सकती है। वहीँ आजकल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में लोग अपनी सेहत का खास ख्‍याल नहीं रख पा रहे हैं। द‍िमाग हमारे शरीर का जरूरी अंग है। लेकिन जब भी इसका ख्याल रखने की बात आती है, हम इस पर ध्यान नहीं दे पाते हैं।

हालांकि, इसका ख्याल रखना बेहद जरूरी है, कहते है मन चंगा तो कठौती में गंगा। युवा अवस्था में तो उतनी समस्‍याएं नहीं होती हैं लेक‍िन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, द‍िमाग भी कमजोर होता चला जाता है। याददाश्त और सोचने की क्षमता भी कम होने लगती हैं। द‍िमाग हमारे शरीर का वो अहम हिस्सा है, जो हमारे शरीर को पूरी तरह से नियंत्रित करता है। बढ़ती उम्र के साथ न्यूरोजेनरेटिव बीमारियां शुरू होने का डर बना रहता है, अल्जाइमर्स होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में अपने मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। इससे बचने के लिये आजमायें ये जरुरी बातें….।

मानसिक व्यायाम करें :

जैसे शरीर को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज जरूरी होती है, वैसे ही दिमाग को स्वस्थ और तेज बनाए रखने के लिए मानसिक व्यायाम भी जरूरी है। इसके लिए आप पजल्स सुलझाएं, शतरंज खेलें, नई भाषा सीखें या कोई नया हुनर अपनाएं। इससे दिमाग सक्रिय रहता है और उसकी कार्यक्षमता भी बनी रहती है।

बेहतर और स्वस्थ आहार लें :

दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, विटामिन B, E और एंटीऑक्सिडेंट्स बेहद फायदेमंद होते हैं। ऐसे में आपको अपने आहार में मछली, अखरोट, बादाम, ब्रोकली, हरी सब्जियां, फल और बीज जरूर शाम‍िल करना चाह‍िए। कोश‍िश करें क‍ि जंक फूड से दूरी बना लें, उन्हें बिल्कुल भी ना खायें।

भौतिक तौर पर रहें स्वस्थ :

रोजाना वॉक, योग या हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे दिमाग तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही मात्रा में पहुंच पाते हैं। जब आप शारीर‍िक रूप से सक्रिय रहते हैं तो मानसिक थकान दूर होती है। इससे मूड भी बेहतर होता है।

अच्‍छी नींद भी जरूरी :

नींद का सीधा संबंध दिमाग की सेहत से होता है। विशेषज्ञ भी कहते हैं क‍ि रोजाना सात से आठ घंटे की नींद जरूर लेना चाह‍िए।। दिमाग दिन भर की थकान से उबर सके और याददाश्त भी मजबूत बनी रहे। ऐसे में पर्याप्त नींद जरुर लें।

तनाव से दूरी बनायें :

दिमाग का सबसे बड़ा दुश्मन तनाव होता है। इसलिये तनाव से बचने का प्रयास करें, तनाव से बचने के लिए मेडिटेशन, प्राणायाम और अपने शौक को पूरे करने का समय निकालें, अपनी उम्र के पसंदीदा गीतों को सुने। इससे मानसिक तनाव को दूर करने में मदद मि‍लती है। किसी भी बात का तनाव ना लें।

लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं ।