माँ की घबराहट को समझकर बेटे ने छुपा ली जम्मू में तैनाती की बात, फिर उनके बलिदान को सुनकर टूट गये माता-पिता।

पुंछ (जम्मू-कश्मीर) : अभी युद्ध शुरू हुआ है, ना जाने हमारे कितने वीर योद्धा देश की रक्षा में अपना बलिदान देंगे , ऐसे ही एक झकझोरने वाला मामला सामने आ चुका है, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सीमा पार से गोलाबारी के दौरान शहीद हुए जवान मुरली नाइक के पिता श्रीराम नाइक ने कहा कि उनके बेटे ने उनके विरोध के बावजूद सेना में शामिल होने का फैसला लिया था। वह देश की सेवा करना चाहता था। देश के लिए जान देने वाले जवान मुरली नाइक के पिता ने कहा कि उनका 23 साल का बेटा कम से कम एक साल के लिए सेना की वर्दी पहनना चाहता था। वह 2022 में अग्निवीर भर्ती के तहत शामिल हुए मुरली नाइक शुक्रवार (9 मई) तड़के ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गये।

मुंबई के घाटकोपर में कामराज नगर क्षेत्र में अपने आवास पर शहीद मुरली नाइक के पिता श्रीराम नाइक ने बताया है कि उनके बेटे मुरली ने नासिक के देवलाली में फौजी की ट्रेनिंग ली थी। मुरली उनका इकलौता बेटा था जो कि अब वीरगति को प्राप्त हो चुका है।

बेटे की खबर सुन पूरी तरह से टूट गई मां :

मुरली के पिता ने भावुक होते हुए बताया कि मुरली को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत जम्मू और कश्मीर में तैनात किया गया था, लेकिन उसने अपने माता-पिता से कहा था कि वह पंजाब में तैनात है ताकि वे भारत-पाक संघर्ष के मद्देनजर घबरायें नहीं। पिता ने बताया, ” हमें यह भयानक समाचार सुबह 9.00  बजे मिला जब सेना के अधिकारियों ने हमें फोन किया। मेरी पत्नी टूट गई, जब उसने सुना कि यह हमारा मुरली था जो सुबह की गोलीबारी में मारा गया था।” यह पीड़ा उनके परिवार पर पहाड़ बनकर टूट पड़ी।

‘विश्वास नहीं हो रहा कि हमारा बेटा नहीं रहा’ :

उन्होंने कहा कि शुक्रवार की सुबह 8.00 बजे मुरली ने उन्हें वीडियो कॉल किया था और हमारे बारे में पूछताछ की थी। उसने कहा था कि वह उस दिन आराम करने वाला था। अब हमने उसे खो दिया है। मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है, वो अब इस दुनिया में नहीं है। इस तरह जवान के माता – पिता ने पानी पीड़ा बताई, जो झकझोर देने वाली थी।

सेना का जवान मुरली ने नासिक के देवलाली में अपना प्रशिक्षण पूरा किया था। उसे पहले सिक्किम में तैनात किया गया था।उसके बाद उसे कश्मीर भेज दिया गया। वह परिवार के लिए कमाने वाला एकमात्र सदस्य था। उसके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं, जबकि उसकी मां दूसरे घरों में काम करती हैं। मुरली नाइक का परिवार 32 साल से कामराज नगर में रहते आए हैं। वहीँ आपको बता दें की गरीब तबके और ग्रामीण क्षेत्र के लोग ही सेना में भर्ती होते है, जबकि शहरों से कोई भी सेना में नहीं जाता है। ऐसे में इनके बलिदान को नमन है।

वहीँ घाटकोपर के उसी क्षेत्र में रहने वाले श्रीधर नाइक ने मुरली को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया जो हमेशा सेना में शामिल होने के लिए उत्सुक रहता था। उन्होंने बताया कि मुरली सेना में शामिल होना चाहता था, लेकिन उसके माता-पिता ने इस कदम का विरोध किया था। इसलिए वह चुपचाप भर्ती अभियान में चला गया था। शहीद मुरली के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव लाए जाने की संभावना है। क्षेत्र के कई लोग शहीद मुरली को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए वहां पहुंचेंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शहीद जवान को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। क्षेत्रवासी उनके बलिदान से गमगीन है।

मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को दिया सहायता का भरोसा :

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी गोलीबारी में शहीद हुए सैनिक मुरली नाइक की मौत पर शोक जताया।  उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, “शहीद मुरली नाइक को मेरी श्रद्धांजलि, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। मैं, उनके परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और दुख की घड़ी में उनके साथ हूं। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को पूरी सहायता देने का भरोसा दिया और मुरली के बलिदान को प्रेरणादायी बताया।”