नकली खनिज अधिकारी बनकर करते थे अवैध वसूली, अब पुलिस कि गिरफ्त में।

आरंग : धोखाधड़ी के कई तरीके है, जिनके बारे में सोच पाना भी मुश्किल होता है, संदेह होने पर कई बार हिम्मत भी नहीं हो पाती है, ऐसे ही खुद को खनिज विभाग का अधिकारी बताकर हाइवा चालकों से अवैध रूप से वसूली करने की कोशिश कर रहे दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी अविनाश शर्मा और विनय यादव फर्जी खनिज अधिकारी बनकर नया रायपुर क्षेत्र में हाइवा वाहनों और ट्रकों को रोककर वाहन चालकों से पैसा मांग रहे थे। हाइवा चालकों को शक हुआ कि दोनों युवक सरकारी अधिकारी नहीं हैं, क्योंकि दोनों के पास कोई आधिकारिक आईडी या अनुमति पत्र नहीं था। इसके बाद ट्रक चालकों ने इसकी सूचना थाना राखी पुलिस को दे दी। मामले की सूचना मिलते ही राखी थाना की टीम मौके पर पहुंचकर दोनों से पूछताछ की। पहले तो दोनों ने खुद को माइनिंग विभाग का अधिकारी बताया, लेकिन जब पुलिस ने उनसे पहचान पत्र और सरकारी दस्तावेज मांगे, तो वे घबरा गए और साफ हो गया कि वे फर्जी अधिकारी हैं। इस तरह मामले में खुलासा हुआ।

पुलिस ने तत्काल दोनों आरोपियों – अविनाश शर्मा और विनय यादव को गिरफ्तार कर लिया। वहीँ पूछताछ के दौरान उन्होंने कबूल किया कि वे सरकारी अधिकारी नहीं हैं, और अवैध वसूली के इरादे से ट्रक चालकों को रोक रहे थे। पुलिस ने उनके पास से एक फर्जी दस्तावेज, एक मोबाईल फोन और एक बाइक जब्त की है, जिसका इस्तेमाल वे वसूली में कर रहे थे। इस तरह दोनों कार्यवाही के शिकार हुये। ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके है।

वहीँ राखी थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS 296, 126, 308, 204,3-5 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है। इसमें धोखाधड़ी, सरकारी कर्मचारी बनकर ठगी करने और डराने-धमकाने जैसी धाराएं शामिल हैं। आरोपियों के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। जिसके आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

पहले भी कर चुके हैं ठगी की कोशिश :

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले भी अलग-अलग क्षेत्रों में इसी तरह की हरकत कर चुके हैं। वे रात के समय सुनसान रास्तों पर ट्रकों को रोकते थे और खुद को खनिज निरीक्षक बताकर चालकों से दस्तावेज मांगते थे। फिर छोटी-मोटी कमियों को बताकर जुर्माना या रिश्वत के नाम पर पैसे वसूलते थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनका नेटवर्क कितना बड़ा है और क्या इनके साथ अन्य लोग भी इस गिरोह में शामिल हैं। इन सभी तथ्यों के आधार पर कार्यवाही की जायेगी।