कोरबा/जांजगीर : दुर्घटनाओं पर किसी का नियंत्रण नहीं होता है, ऐसे में क्या करें आरोपी समझ नहीं पाता है, ऐसे ही एक दुर्घटना में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मामला है जांजगीर जिले के बछौद गांव में बीती शाम दुर्घटना में घायल बच्ची का इलाज के बहाने अपहरण की घटना का खुलासा हो गया है। दुर्घटना में घायल बच्ची की कार में ले जाते रास्ते में मौत हो गई थी, जिसके बाद रातभर कार का एसी चलाकर शव को रखा गया था। सुबह लाश को ठिकाने लगाने ले जाते समय बुजुर्ग पुलिस चेकिंग के दौरान धरा गया।
इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, कोरबा निवासी 70 वर्षीय देवेंद्र प्रसाद वर्मा अपनी पत्नी के साथ कार में बिलासपुर से कोरबा आ रहे थे। इस दौरान जांजगीर जिले के सरहदी गांव बछौद में खेलते-खेलते सड़क पर आई छह वर्षीय शिवांगी की कार से टक्कर हो गई थी और बच्ची की गंभीर हालत देखकर घबराए बुजुर्ग दंपती ने बच्ची को परिजनों को जानकारी दिए बगैर उसे कार में डालकर कोरबा की ओर निकल गए। वे बच्ची को अस्पताल लेकर जा रहे थे।
बच्ची को अस्पताल तक ले जाते, ईलाज के पहले ही बच्ची की कार में मौत हो गई। इससे घबराए दंपती ने घर में आने के बाद रात भर कार की एसी चलाकर छोड़ दिया, जिससे लाश से कोई बदबू न फैले। वहीँ रातभर उहापोह में काटने के बाद सुबह बुजुर्ग देवेंद्र प्रसाद वर्मा बच्ची के शव को कार में रखे हुए निकला। दूसरी तरफ बच्ची की अपहरण की आशंका और शिकायत को लेकर घटना के बाद सर्चिंग में जुटी पुलिस की टीम ने कोरबा-जांजगीर जिले की सीमा पर आरोपी देवेंद्र वर्मा को पकड़ा। इस मामले में बुजुर्ग दंपती के खिलाफ जांजगीर जिले के बलौदा थाना में एफआईआर दर्ज किया गया है, जिसमें बुजुर्ग देवेंद्र कुमार वर्मा के साथ उनकी पत्नी रानी देवी को भी आरोपी बनाया गया है। इस मामले का पूरा खुलासा जांजगीर पुलिस करेगी।



