उज्जैन में मस्जिद की जमीन के विवाद को लेकर शमीम बानो के समर्थन में उतरा आरएसएस।

उज्जैन (म.प्र.) : मध्य प्रदेश के उज्जैन की रहने वाली शमीम बानो की अपनी पुश्तैनी जमीन को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन गई है। यह मामला धार्मिक संस्थाओं की अनदेखी और दखलअंदाजी का आईना बनकर सामने आया है। इस विवाद में अब स्वयं सेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार भी कूद पड़े है। उन्होंने भी इस मामले में शमीम बानो को समर्थन दिया है।

शमीम बानो के समर्थन में अब मुस्लिम राष्ट्रीय मंच और उसके मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार भी उतर आए हैं। इस मौके पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि “वक्फ व्यवस्था गरीबों और बेसहारा लोगों की मदद के लिए बनी थी, न कि जमीन हड़पने का जरिया बनने के लिए।” उन्होंने कहा, “जो मौलाना या अधिकारी खुद को कानून से ऊपर समझता है, उन्हें रोका जाना चाहिए।” इस तरह इन्द्रेश कुमार ने अपनी बातें कही।

शमीम बानो के मुताबिक, 1935 में उनके दादा मोहम्मद हाफिज के नाम पर 4,000 वर्गफुट प्लाट रजिस्टर्ड था। शमीम बानो ने दावा किया है कि 4,000 वर्गफुट की जमीन में से 1,800 वर्गफुट पर अवैध तरीके मस्जिद का निर्माण कर कब्जा कर लिया गया है। इसको लेकर शमीम बानो के पास रजिस्ट्री, म्युटेशन और टैक्स रसीद जैसी सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, लेकिन फिर भी उन्हें धार्मिक भावनाओं और धमकियों के जरिए चुप कराने की कोशिश की जा रही है। उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही है।

कई लोगों ने शमीम बानो को धमकी दी है। उन्होंने लोगों ने बानो से यह भी कहा कि मस्जिद के खिलाफ बोलना हराम है, तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। शमीम बानो का कहना है कि जिस जगह मेरी जमीन है वहां पर कभी कोई मस्जिद थी ही नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन पर कब्जा करने के लिए फर्जी दानपत्र और नकली दस्तखत का सहारा लिया गया है, जो कि गलत है।

इस मामले में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की राष्ट्रीय संयोजक शालिनी अली ने भी शमीम बानो का समर्थन किया है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने इस घटना को एक व्यवस्था के खिलाफ जंग बताया है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने शमीम बानो को कानूनी, प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर मदद का भरोसा दिलाया है। जिससे उन्हें अपने हक़ की लड़ाई लड़ने कि ताकत मिली है।

शमीम बानो ने सरकार से चार मुख्य मांगें रखी हैं। जिसमें उन्होंने कहा कि फर्जी दानपत्र की न्यायिक और फोरेंसिक जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, क्योंकि उन्हें जान का खतरा है। इसके साथ ही शमीम बानो ने मांग की है कि अवैध निर्माण और कब्जे को हटाने के लिए प्रशासन तुरंत कार्यवाही करे, उनका सीधा आशय मस्जिद से है। इसके अलावा वक्फ बोर्ड की भूमिका की स्वतंत्र जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही हो।

हालिया दिनों केंद्र सरकार ने वक्फ अमेंडमेंट कानून बनाया है। जिसको लेकर देशभर में भारी विरोध हो रहा है। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद वक्फ अमेंडमेंट कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 70 से ज्यादा याचिकाएं डाली गई थी, जिस पर कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। अब शमीम बानो के मुद्दे पर RSS नेता इंद्रेश कुमार और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का इस तरह से खुलकर उनके समर्थन में आना, विवादित वक्फ अमेंडमेंट कानून के समर्थन में माहौल बनाना है। जिससे प्रताड़ित लोगों को न्याय मिल सके।