यात्रीगण कृपया ध्यान दें, रिजर्वेशन चार्ट को लेकर अब बदला ये नियम….।

रायपुर : रेल्वे के नियमों में आये दिन बदलाव होता है, अब  रेलवे ने ट्रेनों के आरक्षण चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब ट्रेन के प्रस्थान से आठ घंटे पहले पहला आरक्षण चार्ट तैयार किया जायेगा। यह नया नियम 14 जुलाई से प्रभावी होगा। इस बदलाव के चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में आपातकालीन कोटा के लिए आवेदन की प्रक्रिया में भी संशोधन किया गया है। रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अब पहले आरक्षण चार्ट और आपातकालीन कोटा के लिए आवेदन समय में कई बदलाव किए गए हैं।

इमरजेंसी कोटा के लिए एक दिन पहले देना होगा आवेदन :

  • पांच बजे से दोपहर दो बजे के बीच छूटने वाली ट्रेनों के लिए इमरजेंसी कोटा आवेदन एक दिन पहले शाम चार बजे तक देना होगा।

दोपहर दो बजे से शाम सात बजे तक छूटने वाली ट्रेनों के लिए आवेदन एक दिन पहले शाम पांच बजे तक देना होगा। शाम सात बजे से रात 12 बजे तक छूटने वाली ट्रेनों के लिए आवेदन उसी दिन ट्रेन छूटने से 10 घंटे पहले देना अनिवार्य होगा।रात 12 बजे से सुबह पांच बजे तक छूटने वाली ट्रेनों के लिए आवेदन 10 घंटे पहले और शाम पांच बजे तक, जो भी बाद में हो, देना होगा। इस तरह के नियम सामने आये है।

इससे यात्रियों को यह होंगे नुकसान :

  • मेडिकल इमरजेंसी या जरूरी सरकारी काम, तो इमरजेंसी के लिए आवेदन पहले से नहीं दे पाने के कारण टिकट नहीं मिल पाएगा।
  • इमरजेंसी के लिए आवेदन मंडल कार्यालय में देना होता है, वे यदि किसी अन्य जिले या स्टेशन पर हैं, तो समय पर आवेदन देना कठिन होगा।
  • अगर कोई ट्रेन लेट हो जाती है, तो भी चार्ट पूर्व निर्धारित समय पर बन जाएगा, जिससे बीच में कन्फर्मेशन की संभावना घटेगी।
  • इमरजेंसी कोटा आवेदन में अब मिनटों का फर्क भी टिकट न मिलने का कारण बन सकता है, क्योंकि समय अब तय और सख्त है।

रेलवे गिना रहा ये फायदे :

  • यात्रियों को टिकट स्थिति पहले ही पता चल जाएगी, जिससे यात्रा की योजना बेहतर बन सकेगी।
  • वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को विकल्प खोजने का समय मिलेगा।
  • इमरजेंसी कोटा प्रक्रिया में अनुशासन और पूर्व-योजना संभव होगी।

पहले आरक्षण चार्ट के समय में ही बदलाव :

रेलवे 24 घंटे में दो बार चार्ट जारी करता है। रेलवे ने केवल पहले चार्ट जारी करने के समय में बदलाव किया है। सुबह पांच बजे से से दोपहर दो बजे के बीच जाने वाली ट्रेनों का पहला चार्ट एक दिन पहले रात नौ बजे तक बना लिया जाएगा। हालाँकि सभी नये नियमों से यात्रियों को हमेशा नुकसान ही उठाना पड़ा है, जबकि रेल्वे कि व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है।