दुर्ग/भिलाई : महादेव सट्टा एप कि जड़ें काफी गहरी है, कई लोग इससे जुड़े हुये है, ऐसे में सभी पर ईडी कि नजर लगी हुई है। मामला है रेलवे के ठेकेदार और दुर्ग के होटल व्यवसायी विजय अग्रवाल के निवास, होटल, उनके केशियर और उनके बड़े भाई के घर दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अलग-अलग टीम ने मंगलवार को छापेमारी की थी। इस कार्यवाही से व्यापारियों में हड़कंप मच गया था। जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम ने विजय अग्रवाल के निवास से 70 लाख रुपए नकद, मोबाईल और अन्य दस्तावेज जब्त किया है। मनी लॉड्रिंग के तहत यह कार्यवाही की जा रही है।
मंगलवार को सुबह 6 बजे दो गाड़ियों में ईडी के अधिकारी दुर्ग में दीपक नगर निवासी होटल व्यवसायी विजय अग्रवाल के घर पहुंचे थे, जानकारी के मुताबिक सुरक्षा में तैनात गार्ड को ईडी की टीम ने आई कार्ड दिखाया, तब उन्हें घर के अंदर जाने दिया गया था। अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से जांच में सहयोग करने को कहा और दस्तावेजों की जांच-पड़ताल शुरू की। इसके बाद होटल सागर और उसके मैनेजर के घर टीम पहुंची। तीनों स्थानों पर जांच की गई। जाँच होने के बाद जानकारी मिली है कि ईडी ने 70 लाख रुपए नगद, मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए गये है। ईडी की यह कार्यवाही देर शाम तक चली।
इस कार्यवाही में जानकारी मिली है कि ईडी की यह कार्यवाही मनी लॉड्रिंग के तहत की जा रही है। महादेव सट्टा ऐप की काली कमाई को सौरभ आहूजा इधर से उधर करता है। हाल ही में उसकी शादी में ईडी ने छापा मारा था। इसी क्लू के अधार पर ईडी की टीम ने सौरभ आहूजा की शादी स्थल जयपुर में छापेमारी की थी। उस दौरान सौरभ आहूजा भाग गया था। ईडी की टीम ने उसके आयोजन में शामिल होने वाले सभी मेहमानों से पूछताछ की थी। वहां विजय अग्रवाल भी मौजूद था। बताया जाता है कि वहीं से ईडी को अग्रवाल के तार महादेव सट्टा ऐप की रकम को इधर से उधर करने वालों से जुड़ने का क्लू मिला। जिसके बाद इस छापे की नींव डली और फिर विजय अग्रवाल के यहाँ छापा मारा गया।
कई व्यवसायी पहुंचे थे जयपुर :
सूत्रों से जानकारी मिली है कि सौरभ आहूजा की शादी में भिलाई दुर्ग से करीब दर्जन भर व्यापारी भी जयपुर गए थे। ईडी की कार्रवाई की भनक लगते ही भिलाई और दुर्ग के ये व्यापारी भाग निकले थे लेकिन ईडी के हाथ उनके जयपुर में उपस्थिति के फुटेज लगे हुये है। उन सभी के व्यापारियों के ठिकानों पर ईडी द्वारा छापा पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। we सभी अब ईडी की गिरफ्त में आ सकते है।



