दुखद मामला : जन्म से इस बच्ची ने नहीं खाया खाना, नहीं है आहार नली, इलाज में जीवनभर की पूंजी खर्च कर चुके है माता-पिता।

बालोद : कभी – कभी प्राकृतिक रूप से ऐसे मामले सामने आ जाते है जो हैरान और परेशान करने वाले होते है ऐसे ही छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के रहने वाली एक बच्ची को जन्म से ही आहार नली नहीं है। जिसके मामला सामने आया है। मासूम के माता-पिता बच्ची का इलाज करा रहे हैं, लेकिन अभी तक वह पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है। बच्ची के इलाज में करीब 15 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। मासूम के माता-पिता ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि सरकार हमारी और मेरी बच्ची की मदद करे। इलाज के लिए 7 लाख रुपए की आवश्यकता है। हमने अपनी सारी जमा पूंजी इलाज में खर्च कर दी है। पीड़ित माता-पिता मदद के लिए अब शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। अब इस दुखद मामले में उनकी मदद कौन करेगा , ये बड़ा सवाल है?

मामला है बालोद जिले के ग्राम कजराबांधा की मासूम इशिका साहू के जन्म से ही आहार नली नहीं है, जिसके इलाज के लिए उसके माता पिता ने अपने जीवन भर की पूंजी लगा दी है। मगर अब तक समस्या नहीं सुलझी जहां उन्हें अब इलाज के लिए और पैसे की जरूरत है। पीड़ित माता-पिता बच्ची के इलाज के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाई है। अपनी बेटी के इलाज के मदद के लिए माता-पिता दर-दर भटक रहे हैं। लोगों से मदद मांग रहे है।

परिजनों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार :

अपने 1 साल की मासूम बच्ची को गोद में लिए माता-पिता इलाज के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाने जिला कलेक्टोरेट पहुंचे। बालोद जिले के ग्राम कजराबांधा के रहने वाले ईश्वर साहू जिन्होंने अपनी जमा पूंजी करीब 15 लाख रुपए बच्ची के इलाज में लगा दिए हैं। इनकी 1 साल की मासूम बच्ची इशिका को बच्चपन से ही आहार नली नहीं है। पाइप के जरिए उसे आहार दिया जा रहा है। वहीं इलाज के लिए 7 लाख रुपए की जरूरत है, जिसके लिए इन्हें सरकार से उम्मीद है। ताकि बच्ची का इलाज हो सके वो भी सामान्य बच्चों तरह अपना जीवन जी सके। अब तक हुये इलाज के बाद भी इशिका पूरी तरह स्वस्थ्य नहीं हो पाई है। अब इशिका के माता-पिता को उम्मीद है कि सरकार उनकी मदद करेगी। उन्हें सख्त रूप से आर्थिक सहायता कि जरूरत है।

पैसों की वजह से नहीं हो पा रहा इलाज :

इस मामले में पीड़ित परिजनों ने कहा है कि बहुत मुश्किल हो जाता है जब उनके बच्चे पर कोई मुसीबत आ जाए। अब पैसे की दिक्कत की वजह से मासूम इशिका का इलाज रुक गया है। मासूम बच्ची के माता-पिता को सरकार से उम्मीद है कि जल्द ही इशिका का इलाज करवाए। ताकि वो भी सामान्य बच्चों की तरह जीवन जी सके। इस तरह बच्ची के माता – पिता खुद को असहाय महसूस कर रहे है।