महादेव घाट का लक्ष्मण झूला बंद, सावन माह में श्रद्धालु निराश, जिम्मेदारों ने नहीं दिया जवाब।

रायपुर : राजधानी का महादेव घाट लोगों के घूमने के लिये बेहतर रूप से विकसित किया गया है, ऐसे में प्रत्येक रविवार को लोग अपने परिवार के साथ घुमने आते है, ऐसे में अब जहाँ सावन माह में श्रद्धालु लगातार आ रहे है तो यहाँ का प्रमुख आकर्षण लक्ष्मण झूला और लगभग एक किलोमीटर लम्बा गार्डन बंद पड़ा है। महादेव घाट पर बनाया गया लक्ष्मण झूला सिर्फ एक दिखावा बनकर रह गया है। सावन में बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ भगवान हटकेश्वर नाथ के दर्शन करने आते हैं और लक्ष्मण झूला से होकर दूसरी ओर बने गार्डन में घूमने भी जाते हैं। महादेव घाट पर बनाया गया लक्ष्मण झूला दिखावा मात्र बनकर रह गया है। सावन में बड़ी संख्या में लोग यहाँ परिवार के साथ भगवान हटकेश्वर नाथ के दर्शन करने आते हैं और लक्ष्मण झूला से होकर दूसरी ओर बने गार्डन में घूमने भी जाते हैं।

अब ऐसे मौके पर इस झूले को मरमत कार्य के नाम पर बंद कर दिया गया है। इस कारण लोग निराश होकर लौट रहे हैं। इस संबंध में कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा है। खारुन नदी के बीच में 100 साल पुराना मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र हैं। अभी इस धार्मिक स्थान की देखरेख निषाद समाज के बारहपाली के लोग करते हैं। यहाँ धार्मिक स्थल के रूप में विकसित हो चुके महादेवघाट में लोगों के लिए लक्ष्मण झूला रोमांचित करने वाला होता है, जिसके बनने के बाद यहाँ घुमने आने वालों कि संख्या दुगुनी हुई है। परंतु ठकुराइन टोला के पास खारुन नदी में जो लक्ष्मण झूला बनेगा वह करीब 200 मीटर होगा। वहीँ महादेवघाट में प्लेटफार्म सहित झूले की लंबाई 152 मीटर है और नदी के दायरे में लक्ष्मण झूला 110 मीटर हैं। जिसमें आसानी से 500 लोग महादेवघाट से अमलेश्वर तरफ खारुनेश्वर महादेव का दर्शन जाते हैं। ऐसे में यह धार्मिक माहौल के समय लोगों को निराश करने वाला है। कुछ लोग इसे जानबूझकर बंद करना भी बता रहे है।