कांकेर : तीन तलाक पर प्रतिबन्ध लगे अब पांच से ज्यादा हो गये है, ऐसे में अब कांकेर जिले में पहली बार तीन तलाक का मामला सामने आया है। यहाँ युवती के साथ परिजन और कांकेर मुस्लिम समाज ने भी इसकी शिकायत कांकेर कोतवाली में की है। इस मामले में सामने आया है कि शादी के 9 साल बाद अचानक शख्स ने फोन पर तलाक लेने की बात कही और फिर 3 बार तलाक शब्द कहा।
यह पूरा मामला है, जहाँ 2017 में कांकेर नगर के जवाहर वार्ड की रहने वाली एक महिला का गरियाबंद के युवक इरफान वारसी के साथ शादी हुई थी। शादी के 9 साल बाद अचानक गरियाबंद के रहने वाले व्यक्ति ने मोबाईल फोन पर तलाक.. तलाक.. तलाक कहा। इसके साथ ही शख्स ने दूसरी महिला से शादी भी कर ली। इस वाक्ये से महिला मुसीबत में पड़ गई। इसके बाद महिला ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी।
इस मामले में पीड़िता के भाई गफ्फार ने बताया है कि मेरी बहन की शादी, 9 साल पहले 9 मार्च को इरफान वारसी के साथ जिला-गरियाबंद में हुई थी। मुस्लिम रीति-रिवाज एवं परम्परा के अनुसार शादी हुई। शादी के बाद ही ससुराल में पति, सास और उनकी ननंद प्रताड़ित कर रही थीं। जिसके चलते मेरी बहन मायके में आकर निवास कर रही थी। उसने बताया कि पति ने दूसरा विवाह कर लिया है। इस मामले में पीड़िता के भाई गफ्फार मेमन का कहना है कि, दमाद ने बहन को फोन पर कहा कि अब मैंने दूसरा विवाह कर लिया है इस कारण मैं तुम्हें तलाक देता हूं। ट्रिपल तलाक की मोबाईल रिकॉर्डिंग भी बहन ने सुनाई है।
समाज ने थाने में दिया आवेदन :
इस मामले में मुस्लिम समाज ने थाने में आवेदन देते हुए बताया कि तीन तलाक का मामला बहुत ही निंदनीय है। जो प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में विशेष तीन तलाक कानून बनाया गया है उसका उल्लंघन है। ऐसे में मुस्लिम समाज की महिलाओं को इंसाफ मिलने की नियत से साल 2019 में एक विशेष अधिनियम कानून बनाया है जिसके तहत तीन तलाक दिया जाना संगीन अपराध की श्रेणी में होगा और इस्लामिक कानून में भी इसे अपराध माना जाता है।
कांकेर में तीन तलाक (ट्रिपल तलाक) का यह पहला आपराधिक मामला है और इसकी भविष्य में पुनरावृत्ति ना हो इस कारण ट्रिपल तलाक देने वाले के खिलाफ कार्यवाही की जाए। – जावेद मेमन, मुस्लिम समाज अध्यक्ष
पुलिस का क्या कहना है :
कांकेर एसडीओपी मोहसीन खान ने पूरे मामले को लेकर कहा कि पीड़ित महिला, परिजन और मुस्लिम समाज ने तीन तलाक मामले में शिकायत किया है। इस पूरे मामले को लेकर जांच की जा रही है। साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्यवाही भी की जायेगी। तीन तलाक पर कानून बने पांच साल हो गए हैं लेकिन आज भी कुछ लोग तीन तलाक को ही मान रहे हैं।



