गौहत्या रोकने के लिये गौसेवक आदेश सोनी ने दी अपने शारीरिक अंग की बलि, सरेआम काटी अपनी ऊँगली।

रायपुर : गौसेवक लगातार अपना जी जान लगाकर गौमाता की रक्षा और सेवा का प्रबंध कर रहे है तो वहीँ दूसरी तरफ गौतस्करी अपने चरम है। ऐसे में गौसेवकों की मेहनत और समर्पण पर पानी फिर रहा है। इसमें काफी लोगों की आवश्यकता है, जो गौसेवक की क्षमता के काफी परे है। वहीँ राजधानी रायपुर के रहने वाले गौसेवक आदेश सोनी ने गायों की लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं में मौत, गौ हत्या और गौ संरक्षण की अनदेखी से आहत होकर अपनी उंगली काट ली है, इस तरह उन्होंने गौमाता की रक्षा का आव्हान किया है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इस वीडियो में आदेश सोनी राजधानी की एक सड़क के बीच डिवाइडर पर बैठे नजर आते हैं। जहां वे सरकार पर आरोप लगाते हुए कहते हैं कि “हमारी गौमाता की रक्षा नहीं हो रही है, यह सरकार तब तक नहीं सुधरेगी, जब तक हमारा बलिदान नहीं होगा।” इसके बाद उन्होंने गौमाता की जय का नारा लगाते हुए हाथ में लिए चापड़ से अपनी छोटी उंगली काट ली। इस घटना के बाद भी वे लगातार यही कहते रहे कि “सरकार नहीं सुधरेगी और हमारी गौ मां की हत्या जारी रहेगी।” इस घटना ने राजधानी रायपुर में हर किसी को झकझोर दिया है। गौ रक्षा से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता आदेश सोनी ने व्यस्त सड़क पर बैठकर अपनी छोटी उंगली चापड़ से काट डाली। उनका यह कदम गौहत्या के खिलाफ एक अनोखे और चौंकाने वाले प्रतिरोध के रूप में सामने आया है। आदेश सोनी का यह कदम न केवल राजधानी बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।

गौहत्या के विरोध में उंगील काटने की इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जुट गई। हर कोई विरोध जताने के इस तरीके से हैरान था। इस दौरान आदेश सोनी ने मौके पर ही कहा –”जब गौ हत्या करने वाले निर्दोष पशुओं का गला काटते हैं तो उनके हाथ नहीं कांपते, फिर गौ रक्षा के लिए बलिदान देते समय हमारे हाथ क्यों कांपेंगे? मुझे जरा भी दर्द नहीं हुआ है, गौ माँ की पीड़ा के सामने यह कुछ भी नहीं है” उनकी यह बात सुनकर मौजूद लोग भावुक और हैरान रह गए।

इस मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आदेश सोनी को तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों के मुताबिक उनकी उंगली पूरी तरह से अलग हो चुकी है, हालांकि उनकी हालत स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। आदेश सोनी बीते दो वर्ष गौसेवा से जुड़े है, जहाँ उन्होंने गौमाता की तकलीफ को देखकर काफी विचलित हो गये। जिसके बाद से गौहत्या और गौ तस्करी के खिलाफ वे लगातार सक्रिय रहे हैं। वे बार-बार सड़क पर उतरकर गौ तस्करों के खिलाफ प्रशासन से कठोर कार्यवाही की मांग करते रहे हैं।

आदेश सोनी के समर्थकों का कहना है कि यह बलिदान गौ माता के प्रति अटूट विश्वास और समर्पण को दर्शाता है। उनका मानना है कि इस कदम से गौ रक्षा आंदोलन को नई ऊर्जा मिलेगी। वहीँ राजधानी में सबसे पुराने और लम्बे समय से सक्रिय गौसेवक नरेश चन्द्रवंशी ने उनके इस कदम को मजबूरी वश उठाया गया दुखद कदम बताया और कहा कि इस तरह गौसेवकों को अपनी निष्ठा और समर्पण साबित करना पड़ेगा, जो हिन्दू समाज के लिये सोचनीय है।

इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। समर्थक इसे ऐतिहासिक बता रहे हैं, वहीं आलोचक कह रहे हैं कि गौ रक्षा का आंदोलन अहिंसा और जनजागरूकता के रास्ते पर ही आगे बढ़ना चाहिए। जबकि अहिंसा से गौमाता की रक्षा नहीं हो पा रही है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में गौहत्या और गौ तस्करी लंबे समय से विवादित मुद्दा रहा है। सरकारी योजनाओं और गौशालाओं के बावजूद चुनौतियां बनी हुई हैं। आदेश सोनी का यह कदम अब इस बहस को और तीखा कर देगा कि गौ रक्षा की लड़ाई किस दिशा और किस तरीके से लड़ी जानी चाहिए? वहीँ आपको बता दें कि सरकारी गौठानो में बद से भी बदतर हालात है, जो सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जायेंगे।