रायपुर/ बिलासपुर : राजधानी के कोर्ट परिसर में एक शर्मनाक मामला सामने आया है, तलाक के मामले में पेशी के लिए पहुंचे प्रधान आरक्षकों के बीच विवाद हो गया। जिसे देख जज ने दोनों को कोर्ट से बाहर कर दिया गया। बाहर निकलते ही पुलिसकर्मियों ने गुस्से में एक दूसरे की कॉलर पकड़कर पिटाई शुरू कर दी। मारपीट के बाद दोनों ने घटना की शिकायत सिविल लाइन थाने में की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। वहीँ पुलिस लाइन में पदस्थ अरुण कमलवंशी (40) के मुताबिक शुक्रवार को उनके तलाक का मामला कोर्ट में लगा हुआ था।
इसकी सुनवाई के लिए वे कोर्ट में पहुंचे थे, तभी उन्हें पता चला कि प्रधान आरक्षक संजय जोशी ने अपने मामले में उन्हें पक्षकार बनाया है। उसने सरोज जोशी के मेडिकल सर्टिफिकेट को लेकर जज के सामने ही विवाद शुरू कर दिया। इस पर जज ने दोनों को कोर्ट से बाहर कर दिया। बाहर निकलते ही संजय ने अरुण का कालर पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। जिसके बाद अरुण ने भी हाथापाई शुरू कर दी। इस दौरान वहां पर मौजूद दुलाल मुखर्जी ने मारपीट का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसका विरोध करने पर दुलाल ने भी अरुण को जान से मारने की धमकी दी। इसी विवाद के बीच पहुंची पुलिस उन्हें पकड़कर थाने ले आई। जहाँ थाना परिसर में संजय जोशी की मां सावित्री लहरे, बहन रजनी आवले, अंकिता मुखर्जी ने गाली- गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इधर प्रधान आरक्षक संजय जोशी (38) ने भी मारपीट की शिकायत की है।
उसने पुलिस को बताया कि शुक्रवार दोपहर वह अपने तलाक के प्रकरण में पेशी के लिए कुटुंब न्यायालय पहुंचा था। इस मामले में प्रतिवादी के रूप में अरुण कमलवंशी भी पेश हुआ। उसने केस में अपना नाम लिखाने पर आपत्ति करते हुए जज के सामने ही गाली-गलौज शुरू कर दी। इसे देख जज ने उन्हें बाहर निकाल दिया। कोर्ट रूम से बाहर निकलते ही अरुण ने संजय की पिटाई शुरू कर दी। बाहर वीडियो बना रहे दुलाल मुखर्जी को भी जान से मारने की धमकी दी। दोनों पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। इस तरह पुलिस को घटना की जानकारी दी।



