25 हजार के ईलाज पर थमाया 65 हजार बिल, गरीब के लिये मुसीबत, बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर की सामने आई संवेदनहीनता।

खैरागढ़ : जिले में स्थित बालाजी डायग्नोस्टिक से इलाज के नाम पर मनमानी वसूली और मरीज की जान से खिलवाड़ करने मामला सामने आया है। यहाँ अस्पताल प्रबंधन पर आरोप है कि पेट दर्द से परेशान एक महिला मरीज के ऑपरेशन के लिए 25 हजार रुपए की फीस बताई गई थी, जिसमें ऑपरेशन के बाद भी 4 दिन तक मरीज को एडमिट रखकर ईलाज देने की सुविधा बताई गई थी, लेकिन ऑपरेशन होने के दूसरे दिन ही प्रबंधन ने मरीज के परिजनों को 65000 रुपए का बिल थमा दिया गया। वहीं अतिरिक्त रुपए देने से इंकार करने पर मरीज का इलाज रोक दिया गया, जिससे मरीज की तबीयत भी बिगड़ गई और गरीब के लिये मुसीबत भी खड़ी हो गई। अब यह मामला सीएचएमओ कार्यालय तक पहुंच गया है। मामला है शहर के एक निजी अस्पताल बालाजी हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगा है।

यहाँ जोरातराई निवासी अजय देवदास ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी कुसुमलता देवदास का इलाज करते समय अस्पताल प्रबंधन ने अमानवीय रवैया अपनाया और तय राशि से कई गुना अधिक बिल थमा दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार 9 सितंबर 2025 को उनकी पत्नी को बच्चेदानी संबंधित समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गंडई स्थित बालाजी डायग्नोसिस सेंटर में सोनोग्राफी कराने के बाद डॉक्टर ने तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी थी। इसके बाद खैरागढ़ स्थित बालाजी हॉस्पिटल से लगातार फोन करके दबाव डाला गया कि यदि देरी की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस बीच परिवार ने अस्पताल प्रबंधन को अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में बताया जिसके बाद भर्ती के समय उन्हें इलाज का कुल खर्च 25,000 रुपये बताया गया था। लेकिन 12 सितंबर को अचानक 65,600 रुपये का बिल दे दिया गया।

जिससे पीड़ित परिवार के लिये मुसीबत खड़ी हो गई। आर्थिक स्थिति की वजह से परिजनों ने आपत्ति जताई तो डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन ने इलाज रोक दिया और कहा कि जब तक पैसा जमा नहीं होगा उपचार जारी नहीं किया जायेगा। अजय देवदास का आरोप है कि अस्पताल की इस हरकत ने उनकी पत्नी को असहनीय पीड़ा झेलने पर मजबूर किया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्यवाही और उचित इलाज की मांग की है। वहीं बालाजी हॉस्पिटल प्रबंधन का कहना है कि मरीज को अभी डिस्चार्ज नहीं किया गया है। उनकी स्थिति गंभीर थी और ब्लड की कमी भी पाई गई थी। निजी अस्पतालों के ऐसे मामले नये नहीं है, कई बार ऐसी संवेदनहीनता सामने आई है।