बरेली (उ.प्र.) : जिले में साले और सास की बेरहमी से हत्या करने वाला खूंखार अपराधी अफसर उर्फ बौरा पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया है। इस मामले आरोप है कि बरेली की इज्जतनगर पुलिस के साथ हुई इस मुठभेड़ में आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में पुलिस ने उसे गोली मार दी और फिर अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। उ. प्र. एनकाउंटर कोई नई बात नहीं है।
मामले के अनुसार बरेली एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर गठित 5 टीमों ने आरोपी की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया था। घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर 32 बोर की पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी थी, जिससे पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई और दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गये, फिर पुलिस की जवाबी कार्यवाही में आरोपी को गोली लगी और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। वहीँ पुलिस ने मौके से पिस्टल के साथ हत्या में इस्तेमाल चाकू और 10 कारतूस बरामद किये हैं। घटना को लेकर बताया जा रहा है कि वह अस्पताल में भर्ती अपनी पत्नी की हत्या करने की फिराक में था। हालाँकि पुलिस ने मामले में जांच की बात भी कही है।
साइमा की हालत बनी हुई गंभीर :
आरोपी अफसर और उसकी पत्नी साईमा के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। ईद को देखते हुए दोनों पक्षों ने सुलह के लिए पंचायत बुलाई गई थी। अफसर चाहता था कि उसकी पत्नी ससुराल वापस आ जाये, लेकिन समझौता पंचायत के दौरान ही अचानक अफसर ने अपनी पत्नी साईमा, सास आसमा और साले आदिल पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई, इस हमले में आसमा और आदिल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साईमा की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
अफसर ने 16 साल की उम्र में की थी मामा की हत्या :
जानकारी के अनुसार अफसर का आपराधिक इतिहास बेहद डरावना रहा है। वह 2004 में महज 16 साल की उम्र में उसने अपनी मामी के साथ प्रेम प्रसंग के चलते अपने ही मामा की हत्या कर दी थी, जिसके बाद इस मामले में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी और वह 2015 में जमानत पर बाहर आया था। इसके बाद 2017 में उसने अपनी चचेरी बहन साईमा से लव मैरिज की थी, लेकिन जेल से आने के बाद वह नशे का आदी हो गया था और वह लगातार परिवार के साथ मारपीट करता था, परिवार के लोग उससे काफी परेशान रहते थे।
दो छोटे बच्चों का क्या होगा?
इस हत्याकांड के बाद अफसर के दो छोटे बच्चों (8 साल का बेटा फेज और 5 साल की बेटी आयशा) के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। पिता पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है और मां अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है, ऐसे में उन दोनों बच्चों का क्या होगा?
मृतक के परिवार ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाये हैं। परिजनों का कहना है कि साइमा ने कुछ दिन पहले ही ‘डायल 112’ पर फोन कर पति से अपनी और परिवार की जान को खतरा बताया था। पुलिस की गाड़ी घर भी आई थी, लेकिन कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की गई। परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते अफसर को गिरफ्तार कर लेती, तो आज दो लोगों की जान बच सकती थी। इस तरह आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाये है।



