रायपुर : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) के भर्ती घोटाला में अफसरों ने भ्रष्टाचार करने को सारी हदें पार कर दीं है। यहाँ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के सूत्रों के अनुसार सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर सभी ने मिलकर भर्ती घोटाले को अंजाम दिया है, जिसको लेकर लगातार कई खुलासे हो रहे है।
उन्होंने नियम बदले, पर्चा लीक कराया और अपनों तथा कुछ नेताओं के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर से लेकर अन्य पदों पर भर्ती कराया। सीबीआई ने दावा किया है कि सोनवानी ने अपने दो भतीजों के लिए न केवल दिशा-निर्देशों में फेरबदल किया, बल्कि उन्हें सीजीपीएससी-2021 परीक्षा के प्रश्नपत्र भी पहले ही दे दिए थे, जिससे उनके चयन में आसानी हुई। वहीँ आपको बता दें कि CGPSC घोटाला मामले में सीबीआई ने आज पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पीएससी के सचिव रहे पूर्व आईएएस जीवनलाल ध्रुव समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया है। यहाँ कोर्ट ने पांचों आरोपियों को तीन दिन यानि 22 सितंबर तक के लिए CBI रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में आरोपियों से CBI पूछताछ करेगी, जिसमें बड़े खुलासे हो सकते हैं।
इससे पहले 7 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी :
सीजीपीएससी घोटाले में सीबीआई ने आज लोक सेवा आयोग की परीक्षा नियंत्रक रही आरती वासनिक, पीएससी के सचिव रहे पूर्व आईएएस जीवनलाल ध्रुव और उनके बेटे सुमित ध्रुव समेत निशा कोसले, दीपा आदिल को गिरफ्तार किया था। इससे पहले 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 12 जनवरी को शशांक गोयल और भूमिका कटियार (दोनों डिप्टी कलेक्टर पद के लिए चयनित) और साहिल सोनवानी (डिप्टी एसपी पद के लिए चयनित) को गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में सभी आरोपी जेल में बंद हैं।
जानें क्या है सीजीपीएससी घोटाला :
सीजीपीएससी घोटाला छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया में 2020 से 2022 के बीच हुई थी, जिसमें यह अनियमितताओं से जुड़ा हुआ मामला सामने आया है। आरोप है कि इस दौरान आयोजित परीक्षाओं और साक्षात्कारों में योग्य अभ्यर्थियों की उपेक्षा कर, प्रभावशाली राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के करीबियों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी तथा अन्य उच्च पदों पर चयनित किया गया था। इस घोटाले ने प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए है। यहाँ छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई है। जांच एजेंसी ने छापेमारी कर कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद किए गये है और पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वर्तमान में यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है।



