तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आए स्कूटी सवार पिता-पुत्र,  ट्रक में नंबर प्लेटों को लेकर हुआ चौंकाने वाला खुलासा।

धरसींवा : कभी चालान से बचने तो, कभी जुर्माने से बचने, तो कभी परमिट चार्ज को लेकर या फिर ऐसा कहें कि दुर्घटना को अंजाम देने के बाद वाहन चालक भाग निकलने के लिये नंबर प्लेटों का दुरुपयोग करता हो। लेकिन अब एक दुर्घटना से एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यहाँ रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर धनेली छोकरा नाला पुल के ऊपर शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। पिता-पुत्र की जान तो बच गई, लेकिन इस घटना ने हादसा करने वाले ट्रक के तीन-तीन नंबरों की पोल जरूर खुल गई। यह पूरा मामला खमतराई थाना क्षेत्र का है। इस हादसे से या ऐसे ही हादसों से बच निकलने के लिये ट्रक ड्राईवर वाहन के फर्जी नम्बर प्लेटों का प्रयोग करता है, कहाँ गलत नहीं होगा, लेकिन क्या जांच अधिकारी सोये हुये थे?

ट्रक की स्कूटी को मारी टक्कर :

घटना में हुआ यूं कि सांकरा निवासी राजू जैन अपने पुत्र के साथ अपनी स्कूटी से रायपुर की ओर जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें साइड से इस तरह टक्कर मारी कि उनकी स्कूटी ट्रक के पहियों के बीच फंसकर घिसटती हुई चली गई, जिससे पिता-पुत्र की साँसे अटकी रही। काफी दूर तक ट्रक ने स्कूटी को घसीटा, जिससे स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। लेकिन पिता-पुत्र दोनों की जान बच गई। पुत्र को थोड़ी चोट जरूर आई है।

ट्रक के तीन नंबरों की पोल उजागर :

इस हादसे की खबर मिलते ही सांकरा जैन समाज के लोग मौके पर पहुंचे। वहां देखा गया कि स्कूटी को रौंदने वाले ट्रक के एक नहीं, तीन-तीन नंबर नजर आए है, जिसमें दो नंबर सामने लिखे थे और एक नंबर केबिन के पीछे था। इसके बाद इस मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को जब्त कर लिया गया। वहीं आरोपी ड्राइवर मौके से फरार है। फिलहाल, खमतराई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब इससे सवाल ये उठता है कि असली नंबर कौन सा है और यह तीन-तीन नंबर वाला ट्रक भाड़ा लेकर राजधानी रायपुर से न्यायधानी बिलासपुर तक कैसे दौड़ता रहता है। इसमें जांच अधिकारियों अथवा परिवहन विभाग की कोई मिली भगत या लापरवाही तो नहीं थी?