खुद के अपहरण की साजिश रचकर पिता से मांगी 10 लाख की फिरौती, कलयुगी संतान का हैरान करने वाला कारनामा आया सामने।

बिलासपुर : वर्तमान में संतान की परवरिश में माता – पिता के संस्कारों की कमी कहें या सन्तान की नालायकी, लेकिन रिश्तों नातों की कीमत अब खत्म सी हो गई है, जहाँ सिर्फ और सिर्फ पैसा ही मायने रखता है, माता – पिता अपने बच्चों की गतिविधि पर ध्यान नहीं रख पा रहे है, जिससे वो गलत संगत में भी पड़ रहे है। वहीँ अब छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पिता से पैसे वसूलने के लिये कलयुगी बेटे ने खुद के अपहरण की साजिश रची थी। पुलिस ने युवक को पेंड्रा से गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, युवक संजय यादव जशपुर जिले के नारायणपुर का रहने वाला है। वह पिछले 10 साल से बिलासपुर में रहकर पढ़ाई करता है। साथ ही बैंक में भी काम करता है। पैसों की जरूरत पड़ने पर संजय ने खुद की ‘फेक किडनैपिंग’ की साजिश रची और पिता से 10 लाख रुपये की फिरौती मांग डाली। युवक ने पैसा अपने ही बैंक अकाउंट में जमा करने कहा था। इस मामले में सीएम हाउस से फोन आने के बाद पुलिस हरकत में आई और युवक को पेंड्रा से गिरफ्तार किया गया। पुलिस की जांच में युवक तुरंत ही गिरफ्त में आ गया।

जानिए पूरा मामला :

इस मामले में मिली जानकारी के मुताबिक जशपुर जिले के देहराखार नायणपुर निवासी संजय कुमार यादव पिछले 10 साल से बिलासपुर के कस्तूरबा नगर में किराए के मकान में रह रहा था, उसने एमएससी तक पढ़ाई की है। उसने अपने घरवालों को कोचिंग सेंटर में पढ़ाने और बैंक में काम करना बताया था। बीते 1 अक्टूबर को उसने अपने पिता को फोन कर बताया कि वह घर आ रहा है। देर रात तक वह घर नहीं पहुंचा तो दूसरे दिन पिता बालेश्वर यादव ने उसे फोन लगाया, उन्हें फोन लगातार बंद मिला। इससे घर वाले घबरा गए. उसके पिता खोजते हुए बिलासपुर आ गए। उसके किराए के मकान में ताला लगा मिला और मोबाईल बंद आ रहा था, जिससे परिजन तनाव में आ गये और किसी अनहोनी की आशंका से हड़बड़ा गये। फिर फिरौती के लिए फोन आने पर पिता ने जशपुर स्थित सीएम हाउस में जानकारी दी। सीएम हाउस से फोन आने पर सिविल लाइन पुलिस गुम इंसान कायम कर उसकी तलाश तेज कर दी।

संजय यादव ने पिता बालेश्वर यादव को फोन कर कहा था कि 8 से 10 लड़कों ने उसका अपहरण कर लिया है और 10 लाख रुपए फिरौती मांग रहे हैं। ऐसा उसने कई बार फोन कर पिता को कहा, उसके बाद उसका मोबाईल बंद आ रहा था। पिता ने फिरौती की रकम जमा करने बैंक एकाउंट नंबर मांगा तो वह कहने लगा उसके ही बैंक एकाउंट में जमा कर दो।

बताया जा रहा है कि युवक किराए के मकान में कोरबा क्षेत्र की एक युवती के साथ रह रहा था। पुलिस ने युवती से पूछताछ की, तो उसने बताया कि वह गांव जा रहा हूं कहकर निकला था। उसके बाद उससे कोई संपर्क नहीं हुआ है। पुलिस को युवक के मोबाईल का लोकेशन कभी बिलासपुर, गौरेला तो कभी रायगढ़ का मिल रहा था। लगातार मोबाईल बंद चालू होने से पुलिस भटक रही थी। आखिरकार पुलिस ने युवक को पेंड्रा से गिरफ्तार कर लिया गया, जहाँ यह चौंकाने वाला राज खुला।