खैरागढ़ : राज्य और आसपास के क्षेत्रों में गौतस्करी अपने चरम पर है। वहीँ गौतस्करी को लेकर गौसेवक लगातार आक्रोशित हो रहे है, गौमाता को राज्य माता बनाने की मांग भी कर रहे है, आये दिन गौवंश की दुर्दशा इतनी हो रही है कि गौसेवक लगातार सड़क पर उतर रहे है। वहीँ दूसरी तरफ गौतस्करी लगातार जारी है। ऐसे ही एक मामले में खैरागढ़ पुलिस ने गौ-तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की है। नौ अंतर्राज्यीय पशु तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से दस मवेशी, चार पिकअप वाहन और आठ मोबाईल फोन जब्त किए हैं। जब्त अवैध सामान की कीमत करीब तेरह लाख चौंतीस हजार रुपए बताई जा रही है। दरअसल, कार्यवाही सोमवार की देर रात की है। मामला तब सामने आया जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुछ तस्कर छत्तीसगढ़ से मवेशियों को भरकर मध्यप्रदेश की ओर कत्लखाने ले जा रहे हैं।
इस मामले की सूचना मिलते ही थाना खैरागढ़ की टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बालाघाट रोड में देर रात नाका लगाकर वाहनों की जांच शुरू की। कुछ ही देर में चार संदिग्ध पिकअप गाड़ियां पकड़ में आ गईं। जब इन सभी वाहनों की जांच की गई, तो उनके अंदर भैंसों को रस्सियों से बांधकर ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। पुलिस ने जब चालकों से परिवहन संबंधी दस्तावेज मांगे, तो कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद सभी नौ लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में हेमराज (42), नरेंद्र (26), नोहर (45), संतोष (35) और कृष्णकुमार (26) मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के रहने वाले हैं, जबकि लकेश (23), छबि (27), सातेश (30) और सागर (21) छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के निवासी हैं। वहीँ इस मामले की जानकारी मिलने पर आक्रोशित गौसेवकों ने सरकार की कार्यवाही पर भी सवाल उठाये है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पकड़े गए सभी वाहनों को राजसात करने की कार्यवाही के लिए भेजा जा रहा है, तो वहीं तस्करों के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की तलाश में जांच जारी है। थाना खैरागढ़ पुलिस ने कहा कि यह कार्यवाही जिले में सक्रिय गौ-तस्करी गिरोहों के खिलाफ एक बड़ी सफलता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गौवंश की अवैध ढुलाई और पशु क्रूरता में लिप्त लोगों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी। वहीँ पुलिस ने इस कार्यवाही को बड़ी सफलता बताया है।
तो इस मामले में जब गौसेवक ओमेश बिसेन से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा सरकार की नाक नीचे इतनी कार्यवाही के बावजूद भी गौतस्कर इतने बेख़ौफ़ कैसे है, उन्होंने कहा कई बार गौतस्करों के बारे में बताया गया है, लेकिन फिर भी राजधानी में प्रशासनिक गतिविधि के नाक नीचे यह दुष्कृत्य जारी है, वहीँ उन्होंने गौमाता को लेकर अपनी कठिन दंडवत यात्रा की जानकारी भी दी और बताया कि गौवंश की काफी दुर्दशा है, जिसमें सरकार ध्यान नहीं दे रही है, गौरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। तस्करी पर लगाम नहीं लगा पा रही है।



