गंभीर लापरवाही : हमसफर एक्सप्रेस हादसा होते बाल-बाल बची, मामले में 9 मजदूर गिरफ्तार।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : सामान्य क़ानूनी नियमों की अपेक्षा रेल्वे में क़ानूनी कार्यवाही कड़े रूप से होती है। मामला है छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में रेलवे ट्रैक पर बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गया है, जो कि काफी मुश्किल में डालने वाला था। पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन के आगे हर्री और वेंकटनगर स्टेशनों के बीच बिना किसी आधिकारिक आदेश के ट्रैक रिपेयरिंग का काम चल रहा था, इसी दौरान दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन हमसफर एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22867) ट्रैक पर पहुंच गई। ट्रेन के इंजन ने रिपेयरिंग के लिए लगे जैक से टक्कर मार दी, लेकिन अच्छी बात ये रही कि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। वहीँ इस घटना से रेलवे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में बड़ी लापरवाही बरती गई है।

मिली जानकारी के अनुसार अप लाइन के किलोमीटर नंबर 828/11-13 के बीच यह अवैध रिपेयरिंग कार्य रेलवे कर्मचारी जवाहर लाल (मेट के पद पर तैनात) की देखरेख में हो रहा था। जवाहर लाल ने अपने साथ 9 मजदूरों को लगाया था, लेकिन रेलवे प्रशासन द्वारा इस कार्य के लिए कोई कार्यादेश जारी नहीं किया गया था। हमसफर एक्सप्रेस के लोको पायलट ने आनन-फानन में ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी, जिससे गंभीर दुर्घटना टल गई। ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्रियों की जान पर बन आई थी। इस हादसे से ट्रेन में सवार यात्री दहशत में आ गये।

इस घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने त्वरित कार्यवाही की। घटना के बाद जवाहर लाल को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। तो वहीं, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) पेंड्रारोड ने 9 मजदूरों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। जांच में पता चला कि यह कार्य पूरी तरह अनाधिकृत था, जो रेलवे सुरक्षा के लिए गंभीर उल्लंघन है। रेलवे अधिकारियों ने बताया है कि इस मामले की गहन जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। बिना किसी आदेश के अथवा बिना किसी भुगतान के ठेकेदार यह कार्य कैसे कर सकता है, यह सवाल रेल्वे विभाग पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है, इसमें कोई साजिश थी या लापरवाही? यह जाँच का विषय है।