फर्जी नामों को मतदाता सूची से हटाने की कवायद, केवल 5-6% मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत, सबको नहीं होगी दिक्कत।

रायपुर : मतदाता पुनारिक्षण का कार्य शुरू किया जा रहा है, ऐसे में एसआईआर के दायरे में छत्तीसगढ़ के लगभग छह प्रतिशत मतदाता हैं। जिनमें केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत होगी। असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 व बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से ले मदद सकते हैं। इसके जरिये फर्जी मतदाताओं पर लगाम कसी जायेगी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान छत्तीसगढ़ में विगत एसआईआर की मतदाता सूची वर्ष 2003 को आधार मानकर जो मिलान किया गया है उसमें बीएलओ ने वर्तमान में केवल अपने मतदान केंद्र के मतदाताओं का मिलान किया है, जो 71 प्रतिशत के करीब है।

वहीँ इस मामले में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2003 के बाद से आज पर्यंत तक कई मतदाता अन्यत्र स्थानांतरित हुए हैं, मतदान केन्द्रों का परिसीमन भी हुआ है। एन्यूमरेशन फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर सर्वे के दौरान यह मिलान प्रतिशत 10-15 प्रतिशत और बढ़ जायेगा। ऐसे में मतदाताओं का मिलान जरुरी हो गया है।

वहीँ अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। वर्ष 2003 के एसआईआर के बाद विवाहित महिलाएं अपने तत्कालीन मतदान केंद्र से अन्यत्र स्थानांतरित हुई हैं। बीएलओ द्वारा घर-घर एन्यूमरेशन फेज में 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान किया जा सकेगा। इस प्रकार मिलान का कुल प्रतिशत 71 प्रतिशत से बढ़कर 94-95 प्रतिशत हो जाएगा और केवल शेष बचे मतदाताओं से ही दस्तावेज लेने की आवश्यकता होगी। जो कि काफी कम होंगे। राजधानी में लगभग ऐसे 80 हजार मतदाता हो सकते है।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के दौरान विभिन्न नवाचारों के माध्यम से मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 तथा बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से मतदाता सूची से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकते हैं।