प्रार्थना सभा की आड़ में एसईसीएल कर्मचारी राजेंद्र खरे करवा रहा था धर्मान्तरण, पुलिस ने किया गिरफ्तार।

बिलासपुर : हिंदूवादी संगठनों के लिये आये दिन माथे में बल पड़ने वाले मामले सामने आ रहे है, जितना भी हिन्दू संगठन धर्मान्तरण के खिलाफ कार्यवाही करवा रहे है, उतने ही मामले रोजाना सामने आ रहे है, ऐसे ही फिर बिलासपुर में धर्मांतरण को लेकर फिर हंगामा मचा गया है। यहाँ फिर से प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहे धर्मांतरण के खेल का हिंदू संगठनों ने बुधवार रात भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने केस दर्ज कर प्रार्थना सभा आयोजित करने वाले एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है।

दरअसल, हिंदू संगठनों को सूचना मिली थी कि सरकंडा क्षेत्र के बसंत विहार कॉलोनी के एक घर में प्रार्थना सभा के आड़ में लोगों को धर्मान्तरित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले की पुलिस को सूचना देते हुए हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। यहां एसईसीएल कर्मचारी राजेंद्र खरे के मकान में प्रार्थना सभा चल रही थी, जिसमें हिन्दू समाज के लोग मौजूद थे। जहाँ पुलिस ने सभी कृत्य स्वयं देखे।

इस मामले में आरोप है कि सभा में हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ भ्रामक जानकारी देते हुए मौजूद लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। वहीं मौके से ईसाई धर्म की किताबें व अन्य प्रचार सामग्रियां भी मिली हैं। हिन्दू संगठनों ने प्रार्थना सभा का विरोध करते हुए मकान के बाहर जमकर नारेबाजी की। जिसके बाद मामले की लिखित शिकायत थाने में दर्ज कराई गई।

वहीँ इस मामले में हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना था वे बिलासपुर में बिल्कुल भी धर्मांतरण के खेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे। जहां से भी इसकी जानकारी मिलेगी, वहां जाकर विरोध दर्ज कराया जायेगा। धर्मान्तरण करवाने वालों को उनके कृत्य सफल नहीं होने दिये जायेंगे। वहीँ पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।