रायपुर : एक तरफ जहाँ राज्य की पुलिस अपराधियों को नियंत्रित करने में लगी है, वहीँ राज्य का माहौल खराब करने वाले अमित बघेल के पक्ष में भी कई लोग खड़े है, तो वहीँ सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर को रायपुर पुलिस ने 10 नवंबर को कोर्ट में पेश करने से पहले 9 नवंबर को उसका जुलूस निकाला था। इस मामले में करणी सेना को वीरेंद्र सिंह तोमर के साथ किया गया पुलिस का यह व्यवहार नगवार गुजरा है।करणी सेना अध्यक्ष डॉ राज शेखावत ने इसे अमानवीय बताते हुए इसके खिलाफ रायपुर में होने वाले प्रदर्शन के लिए समाज के युवाओं से जुटने का आह्वान किया है। ऐसे में अगर लोग अपराधियों के पक्ष में खड़े होंगे तो आम आदमी को अपराधियों से परेशान होना पड़ेगा। इससे अपराधियों का लगातार मनोबल बढ़ रहा है।
वहीँ इस मामले में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में लाइव आकर करणी सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर का पक्ष लेते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कुछ पुलिस अधिकारियों ने गलत किया है। तोमर कोई आतंकवादी था क्या? जिसका जुलूस निकाला गया है, उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि क्षत्रिय समाज के लाखों लोग बहुत जल्द रायपुर कूच करेंगे। हम उन पुलिस वालों के घर में भी घुसेंगे, जो तोमर के घर के अंदर घुसे थे। इस तरह उन्होंने प्रशासन को चुनौती दी है।
पुलिस वालों डूब मरो :
शेखावत ने कहा कि वीरेंद्र तोमर एक व्यापारी था। उसने लोगों को जरूरत पड़ने पर पैसे दिए। उन पैसों को वापस मांगा, वह व्यापारी था, इसी तरह लाखों लोग फाइनेंस का काम करते हैं, लेकिन प्रशासन ने नेताओं के दबाव में आकर उस पर निर्दयता से कार्यवाही की है, जो किनिंदनीय है। इसके साथ ही वीरेंद्र तोमर को तपती धूप में नंगे पैर हथकड़ियों में जकड़कर ले जाया गया। उसकी तबीयत बिगड़ी है। वह रोड पर गिर जाता है, तो कुछ पुलिसकर्मी उस पर पैर रखकर खड़े करने की कोशिश करते हैं।ऐसे पुलिसवाले डूब मरो।
घर में घुसकर देंगे जवाब :
इसके साथ ही शेखावत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मैं छत्तीसगढ़ आ रहा हूं। जितने भी क्षत्रिय हैं, चाहे वह वहां का लोकल हो या बाहर से आया हो या ओबीसी श्रेणी से आता हो। आप सभी तैयार रहिए। जो भी अधिकारी, नेता मंत्री इसमें लिप्त होंगे, उसके घर में घुसकर जवाब दिया जायेगा। जिससे यह किसी पर अत्याचार करने से पहले सौ बार सोचे। वहीँ वीरेंद्र के छोटे भाई के अपराध के लिए केवल उस पर कार्यवाही करनी थी। लेकिन बड़े भाई उसकी पत्नी और मां को जोड़ दिया। घर में घुसकर झूठे केस बनाए गए। उनसे छेड़छाड़ तक की गई। ऐसे में करनी सेना के प्रमुख का बयान अपराधियों का मनोबल बढ़ाने वाला प्रतीत होता है।



