सेंधमारी का सीसीटीवी फुटेज वायरल, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल, अनिल साहू सहित गैंग के 4 आरोपी गिरफ्त में।

जांजगीर-चांपा : चोरों के हौंसले इतने बुलंद है कि वो कुछ चोरियां करने के बाद शांत नहीं बैठ रहे है, बल्कि लगातार चोरियों को अंजाम दे रहे है। ऐसे ही अकलतरा क्षेत्र में हुए सिलसिलेवार चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अकलतरा थाना और सायबर सेल की संयुक्त कार्यवाही में कस्तूरी ट्रेडर्स में हुई बड़ी चोरी के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों के कब्जे से लगभग 3 लाख रुपये नगद, सोने-चांदी के जेवरात, 28 चांदी के सिक्के, दो मोटरसाइकिल और एक ऑटो बरामद किया गया है। इस मामले के दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। इन्होंने चोरियों को लगातार अंजाम दिया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल बना रहा है।

उक्त घटनाओं के मामले में मिली जानकारी के अनुसार, 23 नवंबर को प्रार्थी अर्चित अग्रवाल ने अकलतरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 21 नवंबर को परिवार सहित खरसिया एक पारिवारिक शादी में गए थे। वापसी पर घर का ताला टूटा हुआ मिला। घर के अंदर सीसीटीवी डीवीआर की हार्डडिस्क चोरी थी, सामान बिखरा हुआ पड़ा था, तथा घर से नकदी, जेवरात और चांदी के सिक्के चोरी हो चुके थे। रिपोर्ट पर धारा 331(4), 305(ए), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

इस मामले में एसपी के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई है। वहीं फॉरेंसिक, फिंगर प्रिंट और डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। इस दौरान शहर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। सीसीटीवी फुटेज और लगातार निगरानी के बाद संजय नगर निवासी अफरोज खान और किशन कश्यप पर शक गहरा हुआ, तो दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने अपराध कबूल किया। जिनकी निशानदेही पर अन्य लोगों को भी पुलिस ने पकड़ने का दावा किया है।

ऐसे दिए चोरी की वारदात को अंजाम :

आरोपी अफरोज ने बताया है कि 21-22 नवंबर की दरम्यानी रात वह अपने साथी अनिल साहू और किशन कश्यप के साथ मोटरसाइकिल से सीसीआई ग्राउंड पहुंचा था। किशन, जो पहले कस्तूरी ट्रेडर्स में काम कर चुका था, दुकान और घर की पूरी जानकारी रखता था। उन्होंने योजना बनाकर दुकान के ग्रिल का ताला तोड़ा, सीसीटीवी हार्डडिस्क निकाल ली और ऊपर स्थित कमरे की अलमारी तोड़कर नकदी, सोना-चांदी, सिक्के बैग में भरकर ले गए। चोरी का सामान बाद में अफरोज के ऑटो में छिपाया गया। इस तरह उन्होंने चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

चोरी का फुटेज वायरल, शुरू हुआ ब्लैकमेल का खेल और बंटे हिस्से :

कुछ दिनों बाद जब चोरी का सीसीटीवी फुटेज वायरल होने लगा, तब संजय नगर निवासी राजेश रगड़े उर्फ दादा, राजेश सिदार और सुभाष रगड़े उर्फ बाबू ने फुटेज देखकर अफरोज खान को बुलाया और उसे ब्लैकमेल करने लगे। उन्होंने कहा कि चूंकि वही लोग अर्चित अग्रवाल के घर में चोरी करने गए थे, इसलिए चोरी की रकम और जेवरात में से उन्हें भी हिस्सा दिया जाए। इसके बाद अगले दिन अफरोज खान बिलासपुर में बंटवारा करने की बात कहकर किशन कश्यप के लिए ₹1,00,000, राजेश रगड़े उर्फ दादा के लिए 50,000, सुभाष रगड़े उर्फ बाबू के लिए 20,000 और राजेश सिदार के लिए 82,000 अलग कर दिया था।

अफरोज, सुभाष रगड़े को अपने ऑटो में बैठाकर बिलासपुर ले गया। वहीं राजेश रगड़े उर्फ दादा अपनी मोटरसाइकिल से और किशन कश्यप तथा राजेश सिदार भी बिलासपुर पहुंचे, जहां उनके हिस्से की रकम दे दी गई थी। अफरोज खान बाकी बचे सभी जेवर, चांदी के सिक्के, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, नकदी राशि और सिक्का पैसा एक नीले बैग में भरकर वापस ले आया था।

इसके साथ ही पुलिस ने उसके बताये अनुसार 2,11,000 नगद, 27 चांदी के सिक्के, सोने-चांदी की अंगूठियां, बिछिया, चांदी की राखी, बेलपत्र, मछली, त्रिशूल और अन्य ज्वेलरी जब्त कर ली है। घटना में प्रयुक्त ऑटो भी जब्त किया गया है। राजेश रगड़े उर्फ दादा से 50,000 और उसकी मोटरसाइकिल तथा सुभाष रगड़े उर्फ बाबू से 20,000 भी बरामद किए गए हैं। इस घटना में सुभाष रगड़े (21 वर्ष), अफरोज खान (30 वर्ष), राजेश सगड़े (40 वर्ष) और अनिल साहू (34 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया है।