पणजी (गोआ) : एक तरफ धार्मिक आस्था उर दूसरी तरफ राष्ट्र की उन्नति। एक राष्ट्र के लिये धार्मिक आस्था महत्वपूर्ण होती है। वहीँ भारत जहाँ दुनियां में रोज नये आयाम स्थापित कर रहा है, वहीँ धर्म उसकी उन्नति का महत्वपूर्ण साधन भी बन रहा है, जो रोजगार के नए नये अवसर भी खोलता है। भारत तकरीबन हर धर्म स्थल के आसपास रोजगार बढ़ा है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गोवा में श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ में भगवान राम की 77 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया है। यह कार्यक्रम मठ की 550वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘सार्ध पंचशतामनोत्सव’ के दौरान हुआ। इसी दौरान उन्होंने रामायण थीम पार्क गार्डन का भी उद्घाटन किया गया, एक विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्का जारी किया और वहां मौजूद लोगों को संबोधित भी किया।
किसने बनाई है ये प्रतिमा? :
भगवान राम की यह प्रतिमा 77 फीट ऊंची है। कांसे की बनी इस प्रतिमा को प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वी एस सुतार ने बनाई है। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने कर्नाटक के उडुपी का दौरा किया था। वहां उन्होंने श्री कृष्ण मठ में पूजा-अर्चना की थी। उन्होंने करीब 1 लाख लोगों के साथ लक्ष्मी कान्त गीता पारायण में भी भाग लिया।
क्या बोले गोवा सीएम? :
वहीँ कार्यक्रम के दौरान गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि श्री संस्थान गोकर्ण परतागली मठ के 550 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कैनाकोना में भगवान राम की प्रतिमा का अनावरण किया। गोवा के लोगों की ओर से वह प्रधानमन्त्री मोदी का हार्दिक स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अयोध्या में राम मंदिर बनकर तैयार हुआ है। मैं आप लोगों को बताना चाहता हूं कि इतनी बड़ी प्रतिमा कहीं भी नहीं है। गोवा में पर्यटन की दृष्टि से यह बहुत बड़ा योगदान है। आपको बता दें कि इस खास मौके पर गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक समेत कई लोग मौजूद रहे।
इस कार्यक्रम में आए हुये लोगों ने कहा कि हम बहुत खुश हैं। हम लोग प्रधानमंत्री मोदी को देखने के लिए यहां एकत्र हुए हैं। गोआ को आम तौर पर एक पार्टी डेस्टिनेशन के तौर पर देखा जाता है, लेकिन लोगों को यह जानना जरूरी है कि यह एक बहुत ही क्षेत्रीय और सांस्कृतिक रूप से अहम जगह है। इसकी इमेज बदलने के लिए इसे हाईलाइट करना जरूरी है। लोगों ने कहा कि प्रधानमन्त्री मोदी एशिया की सबसे ऊंची भगवान राम की कांसे की प्रतिमा का अनावरण करने वाले हैं। विश्व में इस तरह की प्रतिमा कहीं नहीं है। इस प्रतिमा की खासियत कांस्य निर्मित है, जो मजबूती के मामले में बेजोड़ है।
लोगों ने कहा कि ये बच्चों और युवाओं के लिए खास है, क्योंकि उनको हमारे संस्कृति के बारे में जानने का मौका मिलेगा। हम लोगों में से कई लोग अयोध्या नहीं जा पाए हैं। हम लोग इसीलिए इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए हैं। इस कार्यक्रम में लोग विदेश से भी आए हैं।
इससे पहले उत्सव समिति के संयुक्त संयोजक एस मुकुंद कामत ने बताया कि आज पूरे भारत से 15,000 से अधिक लोग यहां पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मठ के 11 दिवसीय 550वें वर्ष के उत्सव में 1.2 लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। कामत ने कहा कि 11 दिनों में यहां 1.2 लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, और शंकर महादेवन और अनूप जलोटा सहित अन्य प्रसिद्ध कलाकार प्रदर्शन करेंगे।
दरअसल श्री संस्थान गोकर्ण पर्तागाली जीवोत्तम मठ पहला गौड सारस्वत ब्राह्मण वैष्णव मठ है। यह 13वीं शताब्दी ईस्वी में जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वारा स्थापित द्वैत संप्रदाय का पालन करता है। पीएमओ के अनुसार, मठ का मुख्यालय दक्षिण गोआ के एक छोटे से शहर पर्तागाली में कुशवती नदी के किनारे स्थित है। गोआ लोक निर्माण विभाग के मंत्री दिगंबर कामत ने बताया था कि गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का डिजाइन तैयार करने वाले मूर्तिकार राम सुतार ने ही भगवान राम की मूर्ति बनाई है।मंत्री ने कहा कि यह दुनिया में श्री राम की सबसे ऊंची मूर्ति होगी। डेम्पो ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी एक जनसभा को संबोधित करने से पहले मठ में बने मंदिर भी जाएंगे।
भगवान राम की ये मूर्ति नोएडा के प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार के मार्गदर्शन में बनाई गई है। इन्होंने गुजरात में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को डिजाइन किया था। हाथ में धनुष-बाण लिए भगवान राम की प्रतिमा बनाई गई है, जो कि मनमोह लेने वाली है।इस प्रतिमा में भगवान राम की दिव्यता व सौम्यता देखी और महसूस की जा सकती है।



