सूरजपुर : किसी भी समस्या के लिये सरकार को कोसना तो आसान होता है, लेकिन लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आते। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी लोग तेज रफ़्तार वाहन चलाते है, वहीँ खाली रास्तों में तेज रफ़्तार की एक चूक बड़ी हानिकारक हो सकती है। ऐसे में समझदारी से वाहन चलाना आवश्यक है। दुपहिया की रफ़्तार 40 से 65 के बीच होनी चाहिये तो वहीँ चौपहिया वाहन की रफ़्तार 50 से 80 के बीच, इससे ज्यादा गति से चलाने के बावजूद 300 किलोमीटर की यात्रा में 15-20 मिनट से ज्यादा समय की बचत नहीं हो पाती है।
वहीँ मामला है दुर्घटना का, जहाँ छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में आए दिन भीषण सड़क हादसे हो रहे हैं। तो वहीँ दो बाइकों की आपस की भिड़ंत में एक आरक्षक की मौत हो गई। उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मामले के अनुसार मृतक दलसाय कोराम रामानुजनगर थाने में आरक्षक के पद पर पदस्थ था। दरअसल, शनिवार रात को आरक्षक दलसाय कोराम परशुरामपुर से वारंट तामील कर वापस रामानुजनगर थाने लौट रहा था। इसी दौरान सरईपारा गांव में आरक्षक की बाइक और सामने की ओर से आ रही बाइक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस भयानक टक्कर के बाद इस हादसे में आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसके बाद आरक्षक को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य रामानुजनगर में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान आरक्षक ने दम तोड़ दिया है। रामानुजनगर पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है।



