मुंगेली : कई बार आम लोगों ने कांग्रेस पर आरोप लगाये है कि कांग्रेस का कृत्य कभी राष्ट्र भावना के अनुरूप नहीं रहा, कभी सरदार वल्लभ भाई पटेल को किनारे किया, तो कभी लाल बहादूर शास्त्री को तवज्जो नहीं दी, तो पीवी नरसिम्हाराव के साथ अपमानजनक व्यवहार किया। ये सभी देशभक्त और राष्ट्र के समर्थित थे, बल्कि कांग्रेस से ही सम्बद्ध थे, फिर भी इनके साथ कांग्रेस का रवैया सही नहीं रहा। वहीँ फिर से राष्ट्रपिता के नाम पर चुनाव लड़ने वाले कांग्रेसियों ने महात्मा गाँधी तक का अपमान कर दिया है। मामला है मुंगेली जिले में राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर भाजपा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अपमान का आरोप लगाया। यह मामला नेशनल हेराल्ड प्रकरण से जुड़े कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद सामने आया, जिसके बाद जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेसियों ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया था। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की गई थी। आरोप है कि प्रदर्शन समाप्त होने के बाद महात्मा गांधी की तस्वीर को नाली के समीप कचरे में फेंक दिया गया, जिससे विवाद खड़ा हो गया, वहीँ उनके राष्ट्र नेता राहुल गांधी की तस्वीर भी कूड़े में पाई गई है। मामले में भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि महात्मा गांधी की तस्वीर को कचरे से उठाकर सम्मानपूर्वक भाजपा कार्यालय में लगाया गया है। इसके बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कृत्य राष्ट्रपिता के सम्मान के खिलाफ है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी की तस्वीर भी कचरे में फेंकी गई थी।
इस मामले को लेकर जिले में जमकर राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा नेताओं ने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है। भाजपा का कहना है कि यह केवल एक तस्वीर का नहीं बल्कि देश की भावना से जुड़ा विषय है। वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे सोची-समझी साजिश बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कांग्रेस महात्मा गांधी के विचारों पर चलने वाली पार्टी है और उनके अपमान का सवाल ही नहीं उठता। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को तूल दे रही है। वहीँ प्रदर्शन के समाप्ति के बाद कार्यकर्ताओं की गलती से ऐसे कृत्य हो जाते है, लेकिन कांग्रेसी इसे मानने को तैयार नहीं है।



