राजनैतिक बवाल : ‘आरएसएस वालो वापस जाओ’, सतनामी समाज के युवा भड़के, कहा- हमारे कार्यक्रम से बाहर जाएं स्वयंसेवक, सामने आया ये मामला….।

बिलासपुर : धर्म और राजनीति एक ही सिक्के के दो पहलु माने जाते है, ऐसे में जहां आरएसएस की स्थापना के समय से सभी समाजों को एकजुट कर राष्ट्र हित में कार्य किये गये है, और आज तक कभी किसी भी समाज के खिलाफ उन्होंने कोई भी अवैधानिक कृत्य नहीं किया है, फिर उनका विरोध समझ से परे है। यहाँ सामने आये एक मामले ने लोगों को सोचने के लिये मजबूर कर दिया जहाँ आरएसएस सभी समाजों को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करते है, ऐसे में उनका विरोध कहाँ तक जायज है, यह सवाल अब उठाना लाजिमी है। मामला है छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में गुरु घासीदास जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कुछ युवाओं ने विरोध किया है। युवाओं ने कार्यक्रम में आरएसएस के जुड़े लोगों के आने पर आपत्ति जताते हुए नारेबाजी की है। कार्यक्रम में युवाओं की नारेबाजी के बाद जमकर हंगामा हुआ। बताया जा रहा है कि सतनामी समाज के भाजपा से जुड़े लोगों ने इस कार्यक्रम में आरएसएस के पदाधिकारियों को बुलाया था।

वहीँ युवाओं ने कार्यक्रम में आरएसएस के पदाधिकारियों को देखकर नारेबाजी करते हुए उन्हें वापस जाने के लिए दबाव बनाने लगे। पूरी घटना जरहाभाठा मिनी बस्ती महंत बाड़ा में आयोजित समारोह की है। घटना के बाद महंत बाड़ा के राजमहंत डॉ. बसंत अंचल ने आपत्ति दर्ज कराई है। सतनामी समाज ने हंगामा करने वाले जितेंद्र बंजारा पर साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाया है और शिकायत करने का फैसला किया है। वहीँ इस घटना से काफी बवाल मच गया है।

जानें क्या है मामला :

दरअसल, मामला गुरुवार 18 दिसंबर का है। इस दिन गुरु घासीदास जयंती थी, जिसे राज्यभर में सभी समाज के लोगों ने मिलकर मनाया है। इस जंयती के मौके पर पूरे प्रदेश में समारोह का आयोजन किया गया था। गुरु घासीदास की जयंती सतनामी समाज के लोग बड़ी ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं। बिलासपुर में भी समारोह का आयोजन किया गया था। इस समारोह में समाज के प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए थे।

भाजपा से जुड़े लोगों ने बुलाया था :

समाज के जो लोग भाजपा से जुड़े हुये है उन्होंने आयोजन में आरएसएस के पदाधिकारियों को भी बुलाया था। जैसे ही आरएसएस के कार्यकर्ता मंच पर पहुंचे यहां मौजूद युवाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। युवाओं की नारेबाजी के कारण हंगामा हो गया। युवाओं ने आरएसएस के लोग वापस जाओ के नारे लगाए। जिसके बाद कार्यक्रम में स्थिति असहज हो गई। इस मामले मेंमिली जानकारी के अनुसार, महंत बाड़ा के राजमहंत डॉ बसंत अंचल ने कार्यक्रम में RSS के पदाधिकारियों को बुलाया था। इस बात से नाराज युवा भड़क गए और उन्होंने समाज के कार्यक्रम में RSS की मौजूदगी पर आपत्ति जताई, जिसके बाद नारेबाजी करते हुए उन्हें वापस जाने के लिए दबाव बनाने लगे। इस दौरान बंसत अंचल युवाओं को समझाते रहे लेकिन वह नहीं माने।

इस कार्यक्रम के दौरान जैतखंभ पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिला और पुरुष श्रद्धालु अपनी-अपनी मन्नत लेकर नारियल और पूजा सामग्री के साथ जैतखंभ पहुंचे। यहां उन्होंने रीत रिवाज के साथ पूजा की। वहीँ इस मामले ने अब सियासी पारा भी गरम कर दिया है। जहाँ आरएसएस सभी समाजों को एकजुट करने का कार्य करती है तो वहीँ बाबा गुरु घासीदास भी सबको एक बराबर मानते है।