रायपुर : राजधानी में कई बार नकली दवाइयों की खेप पकड़ाई है, ऐसे में गोगांव के ट्रांसपोर्ट में मिली नकली दवा के मामले में सारंगढ़ तक पहुंची औषधि निरीक्षकों की टीम ने सरस्वती मेडिकल स्टोर्स के संचालक के घर छापेमारी कर करीब पचास लाख की दवाएं बरामद की हैं, जिसकी जांच की जा रही है। कारोबारी ने घर में ही दवा का अवैध गोदाम बना रखा था। ज्यादातर दवा पेनकिलर, कफ सिरप, सर्दी-जुकाम की होने के साथ जेनेरिक है। वहीँ दवा कारोबारी नकली दवा के मामले में संदेही भी है।इसके साथ ही शनिवार को रायपुर के साथ रायगढ़ के खाद्य निरीक्षकों की टीम ने सारंगढ़ के दवा कारोबारी खेमराम केसरवानी के निवास में छापेमारी की है। वहीँ केसरवानी ने अपनी दवा दुकान के अलावा मकान के पिछले हिस्से में बनाए गए गोदाम में लाखों रुपये की दवा डंप कर रखी थी, दवा के मामले में उसके पास खरीदी संबंधित कोई दस्तावेज नहीं थे और ना ही उसे सुरक्षित तरीके से रखा गया था।
विभागीय टीम ने अब इस मामले को जांच के दायरे में लिया है। वहीँ जांच टीम ने इसे अवैध संग्रहण का मामला मानते हुए दवा कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की है. उसकी दवा दुकान से कुछ दिन पहले भारी मात्रा में और दवा बरामद की गई थी, जिसका भी उसके पास कोई रिकार्ड नहीं है। इसके साथ ही खेमराम गोगांव के ट्रांसपोर्ट में पकड़ी गई नकली दवा के मामले में भी संदिग्ध है। उसके मोबाईल पर ही संबंधित दवा की तस्वीर मिली थी, जिसे खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जब्त कर रखा है। सूत्रों के मुताबिक संदेही दवा कारोबारी के मेडिकल स्टोर्स और गोगांव के ट्रांसपोर्ट में मिले बिल के संस्थान का नाम एक ही है। इस आधार पर जांच टीम अपने इंवेस्टीगेशन के तहत वहां तक पहुंची और कार्यवाही की है, वहीँ जांच में जो तथ्य सामने आयेंगे, उसके अनुरूप कार्यवाही की जायेगी।
इस मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक अग्रवाल के निर्देश पर रायपुर जिले के सहायक नियंत्रक संजय नेताम, टेकचंद धिरहे के साथ रायगढ़ के विजय राठौर और अंकित राठौर, सविता रानी साय की टीम ने छापा मारा था। नकली दवा के मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई है, जो जांच के लिए इंदौर जाने वाली है। राजधानी में ऐसे ही कई जगहों पर नकली दवाइयों को लेकर जांच जारी है।



