पं. धीरेंद्र शास्त्री की कार के सामने अचानक आया युवक, नहीं मिल पाने पर युवती ने की नस काटने की कोशिश।

दुर्ग/भिलाई : दीवानगी किसी के प्रति भी हो सकती है, लेकिन लेकिन दीवानगी में कोई गलत कदम नहीं उठाना चाहिये, भक्त की एक गलती भी उसके गुरु – संत पर लोगों को बदनाम करने का मौका दे देती है, वहीँ सामने आया मामला भी कम दीवानगी का नही है। भिलाई में सोमवार को हनुमंत कथा के समापन से पहले पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कार का एक्सीडेंट हो गया, हालाँकि कोई चोटिल नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार होटल एम्पीरियर से कथा स्थल के लिए निकले कथावाचक शास्त्री की कार के सामने एक भक्त आ गया। इस दौरान अचानक ब्रेक लगाने से आगे चीछे चल रही गाड़ी आपस में टकरा गई, जिससे एक गाड़ी का शीशा टूट गया।

उस समय कार में पं. धीरेंद्र शास्त्री एवम् पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय भी सवार थे। वहीं कार रायपुर के समाजसेवी बसंत अग्रवाल चला रहे थे। इस दौरान भक्त ने शास्त्री जी से शादी की अर्जी लगाने की विनती की। फिर पंडित धीरेंद्र ने हंसकर भक्त से कहा, मेरी और मेरे गुरुजी ( हनुमान जी) की शादी नहीं हुई है तो मैं आपकी शादी की अर्जी कैसे लगाऊंगा। कथावाचक पंडित शास्त्री ने मंच से भक्तों को पूरी घटना बताई।

वहीँ दूसरी तरफ भिलाई के जयंती स्टेडियम में चल रहे बागेश्वर वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री के कथा के तीसरे दिन युवती ने कलाई की नस काटने की कोशिश की। समय रहते लोगों ने उसकी बचा ली। बताया जा रहा कि पंडित जी से नहीं मिल पाने के कारण युवती ने यह कदम उठाया था। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा। इस मामले में कथावाचक पंडित धीरेंद्र शस्त्री ने भक्तों से अपील की है कि इस तरह के गलत कदम न उठायें। सामूहिक अर्जी के माध्यम से सबकी अर्जी हनुमान जी तक पहुंचा दी जायेगी। बड़ी बात यह है कि दो दिन पहले घटी इस घटना की दुर्ग पुलिस को भी भनक तक नहीं लगी थी।