प्रार्थना सभा और भोजन की आड़ में धर्मान्तरण का गन्दा खेल, पास्टर के खिलाफ मामला दर्ज।

बिलासपुर : बिलासपुर में इन दिनों धर्मांतरण के मामले लगातार सामने आ रहे है, यहाँ लगातार विवाद की स्थिति बन रही है, बीते माह और चार माह पहले भी यहाँ बड़ा बवाल हुआ था, वहीँ बिलासपुर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से लगातार धर्मांतरण की खबरें सामने आ रही है। ताजा मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र के जोंधरा गांव का है। जहां से धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीँ जानकारी सामने आई है कि न्यू ईयर सेलिब्रेशन के बहाने भोज और प्रार्थना सभा कर लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा था, हिंदूवादी संगठन के लोगों ने पास्टर का शपथ दिलाते हुए वीडियो भी बनाया है, जिसमें वो प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों को नए साल में बपतिस्मा लेने की शपथ दिला रहे हैं। वहीं पुलिस ने शिकायत के आधार पर पास्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

लालच देकर धर्मांतरण कराने का आरोप :

यह घटना पचपेड़ी थाना क्षेत्र की है, मामले में हिंदू संगठन के लोगों का कहना है कि प्रार्थना सभा की आड़ में महिलाओं और पुरुषों को स्वास्थ्य सुविधाएं, खाना-पीना और अन्य लाभ देने का लालच देकर धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था, जो कि पूर्णरूप से अवैध है। वहीँ जोंधरा गांव के सुखनंदर लहरे ईसाई धर्म को मानता है। उस पर आरोप है कि पास्टर बनकर गांव के भोले-भाले लोगों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का प्रयास कर रहा था। न्यू ईयर पर वह अपने घर में भोज और प्रार्थना सभा आयोजित किया था, जिसमें बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवाओं को बुलाया गया था। जिसकी जानकारी मिलने पर हिन्दू संगठन के लोग पहुंचे।

प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण :

वहीँ जब गांव में प्रार्थना सभा आयोजिन होने की जानकारी स्थानीय लोगों को मिली तो वे वहां पहुंच गए। उन्होंने घर में भोज से पहले आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान इसका चुपचाप वीडियो बनाया, जिसमें सुखनंदर लहरे लोगों को प्रभु ईशु को मानने और 2026 में बपतिस्मा लेने की शपथ दिलाता दिख रहा है। इस मामले में स्थानीय युवकों ने वीडियो हिंदू संगठन को भेज दिया। इसके बाद हिंदू संगठन और स्थानीय युवक वहां पहुंच गये।

धर्मांतरण कराने का लगाया आरोप:

इसके बाद हिंदू संगठनों ने पुलिस को इसकी सूचना दी और धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया गया, उनका कहना है कि न्यू ईयर भोज की आड़ में लोगों को इकट्ठा किया गया था और फिर प्रार्थना सभा की आड़ में महिलाओं और पुरुषों को स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य लालच देकर धर्म बदलने के लिए उकसाया जा रहा था। वहीँ स्थानीय युवकों और हिंदूवादी संगठन के लोगों ने मामले की शिकायत दर्ज कराई है, मामले में पुलिस ने बिना अनुमति प्रार्थना सभा कराने और धर्मांतरण कराने के आरोप में सुखनंदन लहरे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ये भी जान लीजिये कि बपतिस्मा ईसाई धर्म में पवित्र संस्कार है, इसमें पानी का इस्तेमाल किया जाता है। किसी व्यक्ति को ईसाई समुदाय में शामिल करने और मसीह के साथ नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है।