अंबिकापुर : सरकारी जमीन को अपना बताकर ठगबाजी करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, शहर के चोरकाकछार क्षेत्र में स्थित वनभूमि को निजी स्वामित्व की बताकर 41 लोगों को बिक्री करने वाले तकियापारा बेनीपुर रनपुरखुर्द निवासी मास्टरमाइंड मोहम्मद रशीद (50) को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामला है सरगुजा जिले के ग्राम रनपुर खुर्द में वनभूमि को अपना बताकर 41 लोगों को स्टांप में सौदा कर जमीन बेचने के आरोप में मो. रशीद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार आरोपी ने पिछले कई वर्षों में लोगों को ठगी कर लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया है।
रनपुर खुर्द निवासी नेजारूदीन अंसारी और अन्य लोग लगभग 15-20 साल पहले अंबिकापुर में आकर किराये के मकानों में रहकर अपनी आजीविका चला रहे थे। इसी दौरान मो. रशीद ने तकिया के शासकीय वनभूमि को अपना बताकर उन्हें जमीन बेचने का दावा किया। उसने स्टांप में समझौता कर जमीन पर कब्जा दिलाया। इसके लिए नेजारूदीन और अन्य लोगों ने मो. रशीद को पैसे दिए और अपना घर बना लिया और वो लोग रहने लगे। वहीँ आरोपी के पास से जमीन से जुड़े कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं। प्रकरण से जुड़े कई महत्तवपूर्ण दस्तावेजों को आरोपी ने जला दिया था।
यह प्रकरण उस समय सुर्खियों में आया था, जब भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने चोरकाकछार स्थित बेशकीमती वनभूमि पर अतिक्रमण की शिकायत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी से लिखित रूप में की थी। शिकायत के बाद शासन स्तर से जांच के निर्देश जारी किए गए थे। जिसके बाद मामले को जांच के दायरे में लाया गया।
दस्तावेज का कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके :
इसके पश्चात वन विभाग ने जांच प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान मकान बनाकर रह रहे लोगों से जब जमीन के वैध स्वामित्व दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। विभाग द्वारा सभी को पर्याप्त अवसर दिया गया, लेकिन प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध न कराए जाने पर जून 2025 में सुरक्षा व्यवस्था के बीच अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करते हुए मकानों पर बुलडोजर चलाया गया था। जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई और उनकी जमा की हुई रकम का भी नुकसान हुआ।
शिकायतकर्ताओं को डराने-धमकाने का आरोप :
नगर निरीक्षक शशिकांत सिन्हा ने बताया है कि आरोपी मोहम्मद रशीद को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि जून 2025 में जब उनके मकान तोड़े गए, उसके बाद आरोपी मोहम्मद रशीद उन्हें लगातार डराने-धमकाने लगा, जिससे वो लोग और ज्यादा परेशान हुये, उनकी जीवनभर की पूंजी भी गई, मकान बनाने के बाद उसका भी नुकसान हो गया और उल्टा उन्हें धमकाया भी जाने लगा। वही इस प्रकरण से बचने के लिए आरोपी ने पीड़ितों पर दबाव बनाया कि वे जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज उसे वापस कर दें। इसी आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी को धारा 420,467,468 तथा 201 के तहत हिरासत में लिया गया है।
प्रभावितों की शिकायत पर दर्ज हुआ अपराध :
वन विभाग की अतिक्रमण विरोधी कार्यवाही के बाद प्रभावित लोग सामने आए और उन्होंने पुलिस में मोहम्मद रशीद के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं में मो. नेजारुद्दीन अंसारी, मुख्तार आलम, इबरार अंसारी, गुलाम मुस्तफा और साबिर अंसारी शामिल हैं। शिकायत में बताया गया कि करीब 15-20 वर्ष पूर्व वे किराए के मकानों में रहकर मजदूरी व अन्य काम किया करते थे। इसी दौरान तकियापारा, बेनीपुर निवासी आरोपी मोहम्मद रशीद और उसके परिवार के सदस्यों ने उन्हें यह कहकर लालच दिया था कि उनके स्वामित्व की जमीन उपलब्ध है, जिसे कम दाम में खरीदा जा सकता है, जिसके बाद पीड़ित उनके झांसे में आकर जमीन का सौदा किया।
पीड़ितों ने आरोपी की बातों पर भरोसा कर लिया :
अधिक पढ़े-लिखे नहीं होने और मजबूरी की स्थिति में पीड़ितों ने आरोपी की बातों पर भरोसा कर लिया। शिकायत के अनुसार आरोपी ने 41 लोगों से लगभग डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लेकर छोटे-छोटे भूखंड अपनी जमीन बताकर बेच दिए और नियमविरुद्ध तरीके से अनुबंध पत्र भी प्रदान किया। पीड़ितों का आरोप है कि उनकी शिक्षा और मजबूरी का फायदा उठाकर उनके साथ धोखाधड़ी की गई तथा कूट रचना कर दस्तावेज तैयार किए गए। आरोपी से घटना के संबंध में पूछताछ कर जमीन का कब्जा संबंधी, पट्टा व अन्य दस्तावेज तथा प्रार्थी व अन्य जमीन क्रेताओं से किए गए अनुबंध पत्र, स्टाम्प पेपर की मूल प्रति पेश करने हेतु नोटिस दिया गया जो जमीन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं होना बताया।



