सरबजीत कौर की भारत वापसी फिर अटकी, श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गई थी पाकिस्तान, हो गई थी लापता।

अमृतसर (पंजाब) : काफी समय पहले सरबजीत सिंह नाम का एक पंजाबी युवक गलती से पाकिस्तान चला गया था, लेकिन पाकिस्तान की नापाक हरकतों ने उसकी लाश ही भेजी थी, वहीँ अब पाकिस्तान में रह रही भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर की भारत वापसी एक बार फिर अधर में लटक गई है। सोमवार को उसे अटारी-वाघा अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते भारत भेजे जाने की पूरी तैयारी कि गई थी लेकिन ऐन समय पर पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने उसकी वतन वापसी पर रोक लगा दी है, जिससे सरबजीत के परिवार वाले परेशान हो गये है। वहीँ इसके बाद सीमा पर मौजूद भारतीय एजेंसियों को भी खाली हाथ लौटना पड़ा। पंजाब के कपूरथला की रहने वाली सरबजीत कौर सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई हुई थी। वहां पहुंचने के बाद वह लापता हो गई थी। 

बाद में मामला सामने आया कि उसने इस्लाम धर्म अपनाकर अपना नाम नूर हुसैन रखा और पाकिस्तानी नागरिक नासिर हुसैन से निकाह कर लिया है। इस मामले को लेकर पाकिस्तान में कानूनी विवाद शुरू हो गया था। वहीँ इस कृत्य में पाकिस्तानी साजिश की बू आ रही थी।

वहीँ काफी प्रयासों के बाद पाकिस्तान की एक स्थानीय अदालत ने हाल ही में सरबजीत कौर को भारत भेजने के आदेश दिए थे। इसके बाद पाकिस्तानी पुलिस ने उसे तलाश कर सोमवार को वाघा बॉर्डर पहुंचाया था। वहीँ इमिग्रेशन और कस्टम से जुड़ी औपचारिकतायें भी लगभग पूरी हो चुकी थीं। अटारी सीमा पर बीएसएफ और इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट अटारी का स्टाफ भी महिला को रिसीव करने के लिए तैयार था। इसी दौरान पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने वापसी पर रोक लगा दी है। इसी तरीके से पहले भी पंजाबी युवक सरबजीत को लेकर पाकिस्तान ने ऐसी ही हरकतें की थी।

पाक गृह मंत्रालय का तर्क :

वहीँ इस मामले में पाक गृह मंत्रालय का कहना है कि सरबजीत कौर ने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन और निकाह किया है और इससे जुड़ा मामला अभी अदालत में लंबित है। मंत्रालय के अनुसार अंतिम अदालती फैसले के बाद ही डिपोर्टेशन पर कोई निर्णय लिया जायेगा। फिलहाल सरबजीत कौर की भारत वापसी अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई है। जबकि भारतीय पक्ष इसे सोची समझी साजिश करार दे रहा है।

रविवार को किया था गिरफ्तार :

सरबजीत कौर और उसके पति नासिर हुसैन को रविवार को पाकिस्तान के ननकाना साहिब जिले से गिरफ्तार किया गया था। इंटेलिजेंस ब्यूरो डिवीजन को सूचना मिली थी कि दंपती गांव पेहरे वाली इलाके में रह रहा है। वहीँ छापे के बाद दोनों को थाना सदर ननकाना साहिब पुलिस के हवाले किया गया था। इस मामले में पाकिस्तान के कुछ वकीलों ने अदालत में याचिका भी दायर की थी जिसमें सरबजीत कौर को भारत डिपोर्ट करने की मांग की गई थी। लेकिन अब तक सरबजीत को भारत नहीं भेजा गया है। एजेंसियों को जांच में पता चला था कि सरबजीत कौर और नासिर हुसैन 2016 में टिकटॉक पर मिले थे और इन दोनों ने कई मौक़ों पर वीज़ा के लिए अर्ज़ियां भी दी थीं, लेकिन क़ानूनी वजहों के आधार पर उन्हें वीज़ा नहीं दिया गया था।

वहीँ सरबजीत कौर चार नवंबर 2025 को सिक्ख यात्रियों के जत्थे के साथ पाकिस्तान आई थीं और उनके वीज़ा की मियाद 13 नवंबर तक थी, लेकिन वो वापस भारत नहीं गईं। जिसके बाद सरबजीत ने पाकिस्तानी पंजाब के शेख़ूपुरा के रहायशी नासिर हुसैन से शादी कर ली, जिसके बाद वो पाकिस्तान में ही रह रही हैं। सरबजीत कौर, 48 साल की भारतीय महिला नागरिक हैं।