अभनपुर : हर क्षेत्र के व्यापार में नकली सामानों की बिक्री अपने चरम पर है, ज्यादा मुनाफे के लालच में आम लोगों की सेहत के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीँ अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला गरियाबंद की जांच में नकली दवाओं के संगठित कारोबार का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि नवापारा के नवकार मेडिकल स्टोर्स से फर्जी बिल पर खासी की बेस्टो कोफ सिरप बिक रही थी। इस मामले में अब पुलिस ने मेडिकल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले ही दवाइयों में बेतहाशा लाभ मिलता है, फिर भी नकली दवाइयां बेचना समझ से परे है।
बता दें कि औषधि निरीक्षक ने 9 सितंबर 2025 को गोबरा नवापारा स्थित मेसर्स नवाकार मेडिकल स्टोर्स में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमिततायें सामने आई थी। निरीक्षण में बिल क्रमांक 460 23.09.2024 के आधार पर सिरप बेस्टो कोफ बैच नंबर बी 6019024, एक्सपायरी 12/25, एमआरपी 114.94 की बिक्री दर्शाई गई थी, जिसकी कुल राशि 1200 अंकित पाई गई। वहीँ बिल और दवा की सत्यता की जांच जब संबंधित निर्माणकर्ता कंपनी से कराई गई तो सनसनीखेज तथ्य सामने आया, जिससे बड़ा खुलासा हुआ।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उक्त बैच की दवा न तो उनके द्वारा निर्मित की गई है और न ही बेची गई है। जांच में यह औषधि नकली एवं जाली पाई गई, जबकि प्रस्तुत बिल प्रथम दृष्टया कूटरचित व फर्जी प्रतीत हुआ। विवेचना में यह भी उजागर हुआ कि मेसर्स नवकार मेडिकल स्टोर्स के प्रोपराइटर पारसमल जैन एवं अन्य, मेसर्स कुलेश्वर मेडिकल स्टोर एंड जनरल स्टोर्स राजिम के बीच आपराधिक षड्यंत्र के तहत नकली औषधियों का अवैध व्यापार किया जा रहा था, जो कि सामने आये तथ्यों से स्पष्ट हुआ।
इस प्रकरण में आरोपी सीताराम साहू ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि उसे यह अवमानक औषधि नवकार मेडिकल स्टोर्स से प्राप्त हुई थी, जिससे दोनों मेडिकल स्टोर्स के बीच सीधी कड़ी स्थापित होती है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना गोबरा नवापारा में भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण में धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। वहीं इस मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच जारी है। वहीँ दोनों मेडिकल संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।



