दो छात्रों की आपस की लड़ाई में शिक्षिका ने किया ऐसा घिनौना काम कि संस्था ने निलम्बित कर मांगी माफ़ी।

अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित एक निजी स्कूल में एक शिक्षिका की तरफ से छात्रों को दी गई कथित सजा का मामला सामने आने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस चौंकाने वाले मामले में आरोप है कि स्कूल की एक शिक्षिका ने दो छात्रों के बीच हुए विवाद के बाद दंड स्वरूप एक छात्र से उसकी कॉपी में अश्लील गालियां कई पन्नों तक लिखवाईं है, जिसके बाद बवाल खड़ा हो गया है। इसको लेकर बताया जा रहा है कि शिक्षिका ने छात्र से मां से जुड़ी हुई आपत्तिजनक गालियां करीब 100 बार लिखवाई है।

यह मामला अंबिकापुर के बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल का बताया जा रहा है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और संबंधित शिक्षिका के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की। उनका कहना है कि अनुशासन के नाम पर बच्चों से इस तरह की भाषा लिखवाना न केवल उनकी मानसिक स्थिति पर असर डाल सकता है, बल्कि यह शिक्षा के मूल उद्देश्यों के भी विपरीत है, इससे बच्चों में संस्कार हीनता बढ़ेगी, शिक्षिका क्या सिखाना चाहती है। इस मामले के सामने आने के बाद छात्र संगठनों ने भी विरोध जताते हुए दोषियों पर सख्त कार्यवाही की मांग की है।

DEO ने दिए जांच के निर्देश :

इसको लेकर सरगुजा की जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिये। जिसके बाद विभाग के उप संचालक को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। विवाद बढ़ने के बाद स्कूल प्रबंधन ने अपनी ओर से माफी मांगते हुए पूरे घटनाक्रम पर खेद जताया है। इसके साथ ही संबंधित शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इस तरह का व्यवहार संस्थान की कार्यशैली और मूल्यों के बिल्कुल विपरीत है तथा मामले की आंतरिक जांच भी कराई जा रही है शिक्षा विभाग इस बात की भी पड़ताल करेगा कि स्कूल में अनुशासन और शिक्षकों के व्यवहार से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। 

छात्र संगठनों ने जताई नाराजगी :

इस मामले में मिली जानकारी के मुताबिक, छात्र जब नोटबुक लेकर घर पहुंचा तो परिजनों ने उसमें लिखी गई अश्लील गालियां देखकर हैरानी जताई। इसके बाद उन्होंने स्कूल प्रबंधन से शिकायत की। यह मामला धीरे-धीरे सोशल मीडिया और शहर में चर्चा का विषय बन गया, जिसके बाद स्कूल प्रशासन को सफाई देनी पड़ी। इधर, इस घटना को लेकर छात्र संगठनों ने भी कड़ी नाराजगी जाहिर की। वहीँ शिक्षा विभाग इस बात की भी पड़ताल करेगा कि स्कूल में अनुशासन और शिक्षकों के व्यवहार से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। वहीँ स्कूल प्रबन्धन के माफ़ी मांगने और शिक्षिका को निलम्बित करने के बाद मामला शांत हो गया है।