KGMU के डॉक्टर रमीज मलिक ने हिंदू लड़की को धर्मांतरण के लिये किया मजबूर, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, सामने आई ये जानकारी….।

लखनऊ (उ.प्र.) : लव जिहाद के कई मामले सामने आते ही रहते है, जिसके चलते कई हिन्दू लड़कियों जिन्दगी ख़राब हो चुकी है, सामने आया मामला है केजीएमयू में हुई धर्मांतरण की कोशिश का केस महज एक शिकायत नहीं, बल्कि सिस्टम, विश्वास और रिश्तों की परतें खोल देने वाला है। विशाखा कमेटी की जांच-पड़ताल में जो सच्चाई सामने आई है, उसने रेजिडेंट महिला डॉक्टर के उत्पीड़न से लेकर झूठ, फरारी और धर्मांतरण की कोशिश की पूरी तस्वीर रख दी है। इस खबर में जानिए कि गिरफ्तार हो चुके डॉक्टर रमीज मलिक ने कैसे हिंदू डॉक्टर का धर्मपरिवर्तन करने की कोशिश की, जो कि काफी चौंकाने वाला है।

हॉस्टल के बजाय कैंपस से बाहर लिया था कमरा :

जान लें यह मामला कि विशाखा कमेटी की जांच 22 दिसंबर, 2025 को शुरू हुई थी। पीड़िता महिला रेजिडेंट डॉक्टर और आरोपी डॉ. रमीज कमेटी के सामने पेश हुये थे। मामले को लेकर कमेटी ने जांच में पाया है कि दोनों रेजिडेंट डॉक्टर को केजीएमयू कैंपस के अंदर हॉस्टल में कमरे दिए गए थे लेकिन दोनों आपसी रजामंदी से हॉस्टल में नहीं बल्कि कैंपस के बाहर रहते थे।

विशाखा कमेटी को पीड़िता ने सुनाई आपबीती :

मामले में पीड़िता ने विशाखा कमेटी के सामने बताया है कि जुलाई, 2025 में उसकी डॉ. रमीज से दोस्ती हुई थी। फिर सितंबर में उसे पता चला कि डॉ. रमीज की फरवरी, 2025 में आगरा में एक डॉक्टर से शादी हो चुकी है। इसके बाद उसने डॉ. रमीज से दोस्ती खत्म करने की कोशिश की तो डॉ. रमीज ने उसे परेशान करना और डराना-धमकाना शुरू कर दिया था। फिर पीड़ित महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने पुलिस से तो जबरदस्ती धर्मांतरण की शिकायत की, लेकिन विशाखा कमेटी के सामने धर्मांतरण की शिकायत नहीं की। जिसके कारण बयानों में विरोधाभास सामने आया।

आरोपी डॉ. रमीज ने जांच के दौरान बोला झूठ :

इस मामले को लेकर डॉ. रमीज भी विशाखा कमेटी के सामने पेश हुए। डॉ. रमीज ने कमेटी के सामने झूठ बोला और बार-बार कहा कि वो शादीशुदा नहीं हैं। डॉ. रमीज एक ही बार कमेटी के सामने पेश हुए फिर फरार हो गए। डॉ. रमीज के पिता भी कमेटी के सामने पेश हुए। उन्होंने भी डॉ. रमीज के शादीशुदा होने से इंकार किया था।

आरोपी डॉक्टर की पत्नी का ऐसे हुआ खुलासा :

विशाखा कमेटी ने उस महिला डॉक्टर से भी फोन पर बात की जिससे डॉ. रमीज ने फरवरी में शादी की थी। विशाखा कमेटी ने जांच में डॉ. रमीज को महिला रेजिडेंट डॉक्टर का शारीरिक और मानसिक शोषण का दोषी पाया गया है। केजीएमयू ने डॉ. रमीज को पहले ही निलम्बित कर रखा है। अब कमेटी ने DGME यानी डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल एजुकेशन से डॉ. रमीज के निष्कासन की सिफारिश की है। पीड़ित महिला डॉक्टर को 20 दिन की छुट्टी दी गई है। उनको हॉस्टल में कमरा और एक महिला सिक्योरिटी दी गई है। वही इस तरह इस मामले का पटाक्षेप हुआ।