छत्तीसगढ़ को निगलता मतांतरण, धर्म बदलवाने वालों के नेटवर्क की गुप्त ट्रेनिंग का हुआ हैरानजनक खुलासा।

राजनांदगांव : कई बार सामने आये धर्मान्तरण के मामलों से स्पष्ट हो चुका है, कि ईसाई मिशनरी लगातार विदेशी फंडिंग को लेकर, आम लोगों का धर्मान्तरण करव रहे है। वहीँ बीते दिनों धर्मान्तरण रैकेट का जो खुलासा हुआ है, उसमें मिशनरी डेविड चाको से पूछताछ में दिसंबर 2025 में छत्तीसगढ़ में आयोजित चार दिवसीय गुप्त प्रशिक्षण की जानकारी मिली है। यह गुप्त प्रशिक्षण कई मामलों के चलते संदेह के घेरे में है। इसमें आरोपी के समकक्ष स्तर के अन्य लोगों की सहभागिता सामने आई है, जिन्हें अब पुलिस तलब कर रही है। जांच में यह भी पता चला है कि मिशनरी मिशन की पहुंच राज्य के कोने-कोने में थी, जहाँ लगातार अवैध धर्मान्तरण के कार्य लगातार चल रहे थे।

ये मिशनरी हैंडलरों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की बैठक थी, जिसमें मतांतरण की गतिविधियों को आगे बढ़ाने को लेकर लंबी कार्ययोजना तैयार की गई थी, जो धर्मान्तरण के लिये सक्रिय थे।

चार वर्षों की पूरी कार्ययोजना बरामद :

मिशनरी हैंडलर डेविड चाको के पास से बरामद दस्तावेजों में तीन से चार वर्षों की पूरी कार्ययोजना बरामद हुई है। इसमें बैठकों से लेकर आदिवासी क्षेत्रों के परिवारों से जुड़ी जानकारी और उनसे संपर्क किए जाने का समय तक दर्ज है। इस प्रशिक्षण शिविर को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं, इन सभी को जांच के दायरे में लिया गया है।

कुछ विदेशियों के भी जुड़ने की जानकारी :

इस बैठक के लिए आईपीसी (इंडिया पेंटाकोस्टल चर्च) संगठन से जुड़े पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के एक ही स्थान में जुटे थे। जबकि ऑनलाईन इस कार्यक्रम से कुछ विदेशियों के भी जुड़ने की जानकारी है। पुलिस बता रही है कि इस प्रशिक्षण की सामग्रियां संदिग्ध हैं। इन्हें किन मायनों में इस्तेमाल किया जा रहा था, इसे लेकर गहन पूछताछ जारी है। इसके अलावा पुलिस ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण खुलासा भी किया है। इसमें स्थानीय अन्य समूहों व संस्थानों व अन्य लोगों की संलिप्तता का उल्लेख किया गया है। इसके बाद जिले में मिशनरियों के नेटवर्क में भी बड़ी हलचल है। बताया जाता है कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में कई लोगों की संदिग्ध उपस्थिति और गतिविधि की जानकारी डेविड के माध्यम से पुलिस को मिली है। अब इन सभी मामलों को जांच के दायरे में लेकर कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा रहा है।