दुर्ग/भिलाई : पुलिस में आम आदमी जब काफी परेशान होता है, तब जाता है, लेकिन कई बार पुलिस पीड़ित व्यक्ति से रिश्वतखोरी करने पीछे नहीं हटते है, वहीँ मामला है सड़क हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों से पांच हजार रुपये लेने के मामले में दुर्ग एसएसपी ने कड़ी कार्यवाही की है। इस मामले में नंदिनी थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक 1116 बद्री सिंह भुवाल को एसएसपी विजय अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोपी प्रधान आरक्षक इस मामले में विवेचक था और जांच के दौरान ही मृतक के परिजनों से ही रुपये ले लिया था, जिससे रूपये लिये वह विधवा और पीड़ित महिला थी, इस कृत्य ने इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया है।
इस प्रकरण के मुताबिक घटना नंदिनी थाना में हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक विनोद कुमार तिवारी(56) निवासी इंदिरा नगर हथखोज 20 दिसंबर 2025 को अपनी पत्नी पुष्पा तिवारी के साथ मोटर साइकिल से ग्राम हसदा भागवत कथा सुनने गये हुये थे। कथा समाप्त होने के बाद दोनों मोटर साइकिल से घर वापस लौट रहे थे। तभी शाम करीब 6.15 बजे के आसपास बागडूमर क्षेत्र में मेन रोड पर खड़े एक ट्रक डंपर क्रमांक- सीजी-07 बीजी 2280 से उनकी मोटर साइकिल टकरा गई। ट्रक चालक ने वाहन को बिना किसी संकेत के सड़क पर खड़ा किया था, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। घटना के समय अंधेरा होने के कारण मोटर साइकिल चालक को ट्रक दिखाई नहीं दिया और टक्कर हो गई।
इस दुर्घटना में विनोद कुमार तिवारी के सिर पर गंभीर चोट आई। उन्हें भिलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान 22 दिसंबर 2025 की रात उनकी मौत हो गई थी। वहीँ पुलिस ने इस मामले में ट्रक चालक के खिलाफ धारा 106(1) और 285 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। इसी दौरान विवेचक प्रधान आरक्षक बद्री सिंह भुवाल ने मृतक के पीड़ित महिला से पांच हजार रुपये की रिश्वत मांग कर अपने पास पैसे रख लिये थे। पैसे मांगने की शिकायत एसएसपी विजय अग्रवाल से हुई थी। इसके बाद एसएसपी ने शिकायत की जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर निलंबन कार्यवाही की गई।



