रायपुर : ठगबाजों का जाल बहुत बड़ा है, आये दिन कोई ना कोई इनके जाल में फंस ही जाता है, ऐसे ही ऑनलाईन वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये की साईबर ठगी करने वाले अंतर राज्यीय गिरोह का रायपुर रेंज पुलिस ने भंडाफोड़ किया है, जिसमें तीन लोग गिरफ्त में आये है। मामले के अनुसार आपरेशन साईबर शील्ड के तहत आरोपियों को महाराष्ट्र और राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न शहरों के 14 थाना एवं साईबर सेल में धोखाधड़ी के प्रकरण दर्ज हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना राखी क्षेत्र के निवासी पारस कुमार धीवर ने पुलिस को शिकायत दी थी कि ऑनलाईन वर्क फ्रॉम होम के माध्यम से मुनाफा कमाने का झांसा देकर उससे 24 लाख रुपये की ठगी की गई है, जिसको लेकर पुलिस ने कार्यवाही की।
तकनीकी जांच से हुआ खुलासा :
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाईल नंबरों और टेलीग्राम अकाउंट्स का तकनीकी विश्लेषण किया। जिसके बाद जांच में सामने आया कि ठगी की रकम अंतर्राज्यीय खातों में ट्रांसफर की जा रही थी। वहीँ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपियों की पहचान की गई, आरोपियों की पहचान तय होने पर पुलिस की अलग-अलग टीमें महाराष्ट्र और राजस्थान भेजी गईं। वहां दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने देश के कई राज्यों में इसी तरीके से ठगी करना स्वीकार किया है।
ऐसे करते थे ठगी :
- आरोपी सोशल मीडिया, टेलीग्राम और वाट्सएप के माध्यम से वर्क फ्रॉम होम जॉब के आकर्षक विज्ञापन भेजते थे।
- शुरुआत में पीड़ित को छोटे-छोटे टास्क देकर कम रकम का लाभ दिखाया जाता था, जिससे उसका भरोसा जीत लिया जाता था।
- इसके बाद ज्यादा मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम जमा कराई जाती थी।
- रकम जमा होते ही आरोपी पीड़ित को टेलीग्राम ग्रुप से बाहर कर देते थे या संपर्क पूरी तरह बंद कर देते थे।
- ठगी की राशि को कई खातों में घुमाकर निकाल लिया जाता था, ताकि पुलिस तक सीधा सुराग न पहुंचे।
गिरफ्तार किये गये आरोपी :
- उत्पल पंचारिया (21), निवासी मेघवाल बस्ती, जोधपुर (राजस्थान)।
- रोहित बबन कौलगे (31), निवासी हरिपुर, सांगली (महाराष्ट्र)।
- सुमित श्रीनिवास राठी (41), निवासी आनंदी अपार्टमेंट, सांगली (महाराष्ट्र)।



