कर्जदारों को उधार माफ करने का लालच देकर करवाई पत्नि की हत्या, रिश्तों को तार – तार करने वाला मामला आया सामने।

हापुड़ (उ.प्र.) : थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर रुस्तमपुर में बीती 2 फरवरी को महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया है। पुलिस ने पति सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि घरेलू कलह के चलते पति ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। इसके साथ ही आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए घर में लूट होने की सूचना दी थी। पुलिस की जांच में जो सच्चाई सामने आई है, उसने रिश्तों को तार-तार कर दिया है। जिस पति ने 7 फेरे लेकर सुरक्षा का वचन दिया था, वही रीता शर्मा का मुख्य साजिशकर्ता निकला। पुलिस ने इस पूरी साजिश का खुलासा किया है।

दुनिया को दिखाने के लिए घर में लूटपाट भी कराई :

ASP हापुड़ विनीत भटनागर ने घटना को लेकर बताया कि 2 फरवरी की रात आरोपी पति राहुल शर्मा ने पुलिस को सूचना दी थी कि अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर लूटपाट की और उसकी पत्नी की हत्या कर दी है। इस घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंचे। इसके बाद इस पूरे मामले की जांच शुरू की गई, जैसे – जैसे जांच आगे बढ़ती गई चौंकाने वाले खुलासे सामने आते गये।

जबरदस्ती की घुसपैठ का सबूत ना होने पर पति पर हुआ शक :

पुलिस की जांच में इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड उसके पति को ही पाया गया। शातिर पति राहुल ने एक सोची-समझी चाल चली थी। वारदात के समय वह पास के ही एक शादी समारोह में गया हुआ था और वहां जानबूझकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई ताकि पुलिस उसे संदिग्ध न माने। हालांकि, घटनास्थल के निरीक्षण और फॉरेंसिक साक्ष्यों ने पुलिस के शक की सुई राहुल की तरफ ही घुमाकर रख दी, क्योंकि पुलिस को अपनी जांच में मृतक के घर में जबरदस्ती घुसने  के कोई निशान नहीं मिले थे, जैसे की चोरी आदि करते समय होता है, ताला, खिड़की या कांच तोड़ने जैसी घटना। 

जिनको दिया था कर्ज, उन्हीं से कराई पत्नी की हत्या :

इस घिनौने हत्याकांड को अंजाम देने के लिए राहुल ने अपनी फैक्ट्री में काम करने वाले 2 मजदूरों, शेर अली और फिरोज को लालच देकर तैयार किया था। उसने इन दोनों का 60 हजार रुपये का पुराना कर्ज माफ करने और अलग से और पैसे देने का सौदा किया था। वारदात की रात राहुल ने चालाकी दिखाते हुए एक स्थानीय शादी समारोह में शिरकत की और वहां अपनी फोटो खिंचवाई ताकि वह अपनी मौजूदगी का पुख्ता सबूत पेश कर सके। उसकी अनुपस्थिति में उसके दोनों साथियों ने घर में घुसकर रीता की चाकू से गोदकर हत्या कर दी और घटना को लूट का रूप देने के लिए घर से जेवर और नगदी भी समेट ली।

गुमराह करने के लिए गढ़ी झूठी कहानी :

ASP विनीत भटनागर के मुताबिक, आरोपी राहुल ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने के लिए लूटपाट की झूठी कहानी गढ़ी थी, लेकिन घटनास्थल पर जबरदस्ती घुसने के निशान न मिलने और संदिग्ध गतिविधियों के कारण पुलिस का शक गहरा गया। कड़ाई से पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने राहुल, शेर अली और फिरोज को गिरफ्तार कर लिया। सुपारी की रकम वसूलने और बातचीत को संदेह से बचाने के लिए आरोपियों ने ‘साड़ी के पैसे’ नाम से कोडवर्ड तय किया था ताकि किसी को शक न हो।

पत्नी की बीमारी के खर्च से था परेशान :

उनके पास से हत्या में इस्तेमाल धारदार चाकू, खून से सने कपड़े और लूटे गए जेवर आदि बरामद किए गए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी पति राहुल अपनी पत्नी की लगातार रहने वाली बीमारी और उस पर होने वाले खर्च और उससे पैदा हुए गृह-क्लेश से बेहद तंग आ चुका था। रोज-रोज के झगड़ों और बीमारी पर होने वाले खर्च से छुटकारा पाने के लिए उसने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने का खौफनाक निर्णय लिया और इसे अंजाम देने के लिए एक शातिर योजना तैयार की थी। वहीँ इस मामले में मृतका के मायकेवालों ने पुलिस को बताया था कि राहुल शर्मा के गांव की ही एक महिला से अवैध संबंध थे जिसको लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद और मारपीट होती थी। रीता शर्मा की बीमारी के दौरान भी हालात बिगड़ते चले गए, जिसके बाद आरोपी ने हत्या की साजिश रची।