ढाबे पर खाना खाने गये आदिवासी युवक की चाकू मारकर हत्या, आरोपी पवन सेन और सागर साहू गिरफ्त में, सामने आया चौंकाने वाला विवाद।

रायपुर : राजधानी में खाना खाने गये एक आदिवासी युवक की छोटे से विवाद में जान चली गई। घटना के अनुसार 10 फ़रवरी को मंगलवार तड़के एक युवक की हत्या कर दी गई है। ढाबा में खाना खाने के दौरान कुत्ते को भोजन देने के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने ढाबा के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला धरसींवा थाना क्षेत्र का है।

इस मामले में आरोप है कि उन्होंने एक आदमी को इसलिए चाकू मारकर मार डाला क्योंकि उसने उनकी प्लेट में से एक आवारा कुत्ते को खाना खिला दिया था, जिसके बाद ढाबे के संचालक और कर्मचारी नाराज हो गये। घटना को लेकर आरोपियों की पहचान 24 साल के सागर साहू और 35 साल के पवन सेन के रूप में हुई है। वहीँ मृतक 35 साल के शिव प्रसाद धुर्वे थे, जो मध्य प्रदेश के रहने वाले एक फैक्ट्री कर्मचारी थे।

मामले के अनुसार सोमवार शाम आरोपी ढाबे पर थे, जब धुर्वे अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंचे। रायपुर जिला पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि उस समय सागर साहू खाना खा रहा था, लेकिन वह रसोई में जाने के लिए उठ गया और अपनी प्लेट वहीं छोड़ दी थी। आरोप है कि मृतक धुर्वे ने उसी छोड़ी हुई प्लेट से एक आवारा कुत्ते को खाना खिलाना शुरू कर दिया था तभी साहू वापस आया और उसने धुर्वे से सवाल किया, जिसके बाद दोनों के बीच जोरदार बहस हुई और फिर धुर्वे और उनके दोस्तों के साथ वहीं मारपीट की गई।

इस घटना को लेकर रायपुर ग्रामीण जिला पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, “शिव प्रसाद धुर्वे ने सागर साहू की प्लेट से कुत्ते को खाना खिलाना शुरू कर दिया, इस पर साहू ने पूछा कि वह ऐसा क्यों कर रहा ? शराब के नशे में धुर्वे ने साहू से बहस की और कहा कि वह ऐसा करता रहेगा और उसे जो करना है कर ले। इसके बाद दोनों के बीच हाथापाई हुई और फिर धुर्वे अपने दो दोस्तों के साथ ढाबे से चला गया था”

फिर कुछ समय बाद धुर्वे 5-6 और लोगों के साथ फिर से होटल (ढाबे) पर लौटा और. वहां फिर से बहस शुरू हुई, जो जल्दी ही हिंसक हो गई, जिसके बाद आरोपी पवन सेन और सागर साहू ने धुर्वे को होटल के बाहर घसीटा और उसकी छाती में चाकू मार दिया, जिसके बाद धुर्वे को अस्पताल ले जाया गया, जहां सोमवार शाम उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

इस मामले में जो जानकारी मिली है उसके अनुसार घटना के बाद परिवार से तुरंत संपर्क न होने के कारण पोस्टमॉर्टम में देरी हुई, वहीँ बाद में जांच अधिकारियों ने धुर्वे की पत्नी से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी ली गई, इसके बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एफआईआर की शिकायत में एक पुलिस अधिकारी ने लिखा कि धुर्वे की पत्नी ने बताया कि वह अपने दो दोस्तों के साथ घर से निकले थे और बाद में उन दोस्तों ने बताया कि वे तीनों रायपुर के सिलतरा क्षेत्र में अजय साहू के होटल गए थे, जहां धुर्वे की सागर और पवन से लड़ाई हुई और उन्हें पीटा गया है, इसके बाद वे लौट आये थे।

अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा हुई कि वहां होटल कर्मचारी पवन सेन ने धुर्वे को बाहर घसीटा और उनकी छाती में चाकू मार दिया, जिससे गहरा घाव हो गया, फिर उनके गले से खून बहने लगा, वह वहीं गिर पड़े और पवन सेन द्वारा जान से मारने की धमकी देने के बाद उनके दोस्त डरकर भाग गए थे।” पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में तेज़ धार वाले हथियार के इस्तेमाल की पुष्टि हुई, जिससे हत्या की आशंका मजबूत हुई है वहीँ रिपोर्ट में आगे कहा गया कि चश्मदीदों के अनुसार, सेन और साहू ने धुर्वे को डंडे और चाकू से मारा था।

जांच के दौरान शिव प्रसाद के दोस्तों ने बताया कि होटल में दो बार विवाद हुआ था। दूसरी बार लौटने पर झगड़ा बढ़ गया और हमला हुआ। बयान के आधार पर पुलिस ने ढाबा के कुक पवन सेन और कर्मचारी सागर साहू को आरोपी बनाया है। फिलहाल, पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस घटना से आदिवासी समाज ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है।