रायपुर : लम्बे समय से प्रतीक्षारत भगवान श्री राम के ननिहाल पक्ष रायपुर स्थित चंदखुरी मे लगने भगवान श्री राम की वनवासी स्वरूप वाली 51 फीट ऊंची मूर्ति आखिरकार रवाना हो गई है। अब इस मामले में मूर्तिकार और ठेकेदार के बीच भुगतान विवाद में उलझी यह मूर्ति बीते 06 महीने से ग्वालियर में तैयार रखी हुई थी, जो अब अनावरण के लिये निश्चित है।
दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्री रामपथ गमन तैयार कराया जा रहा है, जहाँ भगवान श्री राम के वनवासी स्वरूप की मूर्ति को स्थापित किया जाना है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश पर ठेकेदार द्वारा राष्ट्रपति सम्मानित ग्वालियर के प्रसिद्ध मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा को भगवान श्री राम की 51 फीट ऊंची मूर्ति निर्माण करने के निर्देश दिए गये थे। जिसके बाद ग्वालियर सेंड स्टोन आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर पर मूर्ति का निर्माण कार्य शुरू हुआ जो पूरा भी हो गया था, पैसे की देनदारी को लेकर यह मामला उलझा हुआ था।
श्री रामपथ गमन के लिए चंदखुरी स्थित कौशल्या मंदिर में भगवान श्री राम की वनवासी स्वरुप वाली 51 फीट ऊंची यह प्रतिमा स्थापित की जानी थी। लेकिन बीते 06 महीने से यह प्रतिमा ठेकेदार के भुगतान न करने से यही रखी रही। ऐसे में मूर्ति के रखरखाव और मूर्तिकार की टीम द्वारा मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा से भुगतान के लिये लगातार दबाव बनाया जा रहा था। ऐसे में अब ठेकेदार द्वारा लंबित 70 लाख का बचा हुआ भुगतान मूर्तिकार को कर दिया गया है। लिहाजा पूरी सुरक्षा के साथ तैयार मूर्ति को अलग अलग पार्ट में लोड कर रायपुर के लिए रवाना किया गया है। ऐसे में अब छत्तीसगढ़ सरकार के श्री रामपथ गमन प्रोजेक्ट में हो रही देरी की सम्भवनाओ को आज पूरी तरह खत्म होने में राहत मिली है।
इस प्रतिमा को चंदखुरी में वर्तमान में स्थापित भगवान श्री राम की प्रतिमा की जगह पर ही स्थापित किया जाना है, वर्तमान में वहाँ स्थापित भगवान श्री राम की प्रतिमा का स्वरूप पूरी तरह से गलत है, वह लोगों की आस्था के अनुसार नहीं है, यह शुरू से ही विवादों में रहा है। उसके निर्माण कार्य में बहुत सारी खामियां सामने आ चुकी है। प्रतिमा के चेहरे से लेकर शरीर के आकार पर गौर किया जाए तो उसमें भगवान श्री राम के वनवासी स्वरूप की छवि ही नहीं आती है।
छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा पहले भी दो मूर्तियों के ऑर्डर ग्वालियर को दिए जा चुके हैं जो की श्री राम पथ गमन के लिए शिवरीनारायण और सीता रसोई में स्थापित की जा चुकी है। उन मूर्ति के स्वरूप को देखकर ही ग्वालियर को 51 फीट ऊंची प्रतिमा का आर्डर मिला था, प्रतिमा को ग्वालियर के सेंड मिंट स्टोन से तैयार किया गया है, जो अपने आप में देश के अंदर मजबूत पत्थर के रूप में ख्याति प्राप्त है और इसकी तराशी गई प्रतिमा बहुत मजबूत और सुंदर होती है, अब यह प्रतिमा जल्द ही अपने तय स्थान पर लगा दी जायेगी, इस मामले को रायपुर सासंद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया था, जिसको लेकर माचिस मीडिया ने भी भरपूर उठाया है।



