ट्रक के मालिक ने खुद ही चुराया अपना ट्रक, नेतराम देवांगन सहित चार गिरफ्त में, मामले में हुआ चौंकाने वाला खुलासा।

बालोद : 16 जनवरी को ग्राम मालीघोरी के धर्मकांटा के पास से अज्ञात चोरों ने धान से भरा ट्रक (क्रमांक CG 08 AV 1711) चोरी कर लिया था। पिछले महीने हुई इस हाई-प्रोफाइल धान चोरी की गुत्थी को बालोद पुलिस ने अब सुलझा लिया है। ट्रक की किश्तें नहीं चुका पाने के दबाव में एक ट्रक मालिक ने अपने ही तीन साथियों के साथ मिलकर 900 कट्टा धान से भरे ट्रक को पार कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का धान, घटना में प्रयुक्त ट्रक और मोटरसाईकिल भी बरामद कर ली है।

चोरों ने पुलिस को चकमा देने के लिए ट्रक का जीपीआरएस तोड़ दिया था। हालांकि, तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आगे उनकी योजना विफल रही। पुलिस ने जाल बिछाकर ग्राम कोरगुडा से चार आरोपियों को पकड़ा। इनमें नेतराम देवांगन, काशीराम, तरुण और धर्मेंद्र शामिल हैं। सहायक पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर ने इस सफलता की पुष्टि की है। सभी आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं।

क्या था मामला?

इस मामले में एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया है कि बीते 16 जनवरी को ग्राम मालीघोरी के धर्मकांटा के पास से अज्ञात चोरों ने धान से भरा ट्रक (क्रमांक CG 08 AV 1711) चोरी कर लिया था। आरोपी इस ट्रक को दमकसा बड़भूम के पास ले गए, जहां उन्होंने ट्रक छोड़ दिया लेकिन उसमें लदे 900 कट्टों में से 280 कट्टा शासकीय धान अपने निजी ट्रक में शिफ्ट कर लिया थ। पुलिस ने इस मामले में धारा 316(3) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की थी, जिसके बाद धीरे – धीरे तार जुड़ते गये और आरोपियों को गिरफ्त में ले लिया गया है।

रेकी के बाद वारदात को दिया अंजाम :

पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन और एएसपी मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेहियों को घेरा। पूछताछ में मुख्य आरोपी नेतराम देवांगन ने बताया है कि उसके पास दो ट्रक है, जिनका किश्त न पटा पाने के कारण फाइनेंस कंपनी वाले उसे परेशान कर रहे थे। कर्ज चुकाने के लिए उसने 3 दिनों तक मालीघोरी में रेकी की और मौका पाकर चाबी लगे हुए ट्रक को चोरी कर लिया था।

साक्ष्य मिटाने के लिए तोड़ा GPS :

वाहनों में आजकल जीपीएस भी लगा होता है, वहीँ पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने चोरी किए गए ट्रक का GPS सिस्टम तोड़कर फेंक दिया था। यही नहीं, शासकीय धान की पहचान छिपाने के लिए उन्होंने सरकारी बारदानों को बदलकर धान को स्थानीय बोरों में भर दिया और अपने ससुराल ग्राम कंगलूटोला में छिपा दिया था, जिसके बाद मौका पाकर वो लोग उसे बेचने की तैयारी में थे।

गिरफ्तार आरोपी :

पुलिस ने ग्राम कोरगुडा निवासी नेतराम देवांगन (37), काशीराम देवांगन (32), तरुण उर्वसा उर्फ लल्ला (25) और धर्मेंद्र धनकर (27) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 179 कट्टा धान और वारदात में इस्तेमाल ट्रक (CG 08 AQ 7884) जब्त किया गया है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा, सउनि धरम भूआर्य, प्र.आर. योगेश सिन्हा, आरक्षक भोप सिंह साहू, आकाश दुबेl, विपिन गुप्ता और साईबर सेल की टीम की मुख्य भूमिका रही।