रायपुर : विकास के नाम पर बेतरतीब कार्य करवाये जा रहे है, जिसका आम आदमी के लिये कोई औचित्य नहीं है, जहाँ स्काई वाक को लेकर आज तक जनता को समझ ही नहीं आया की वह किस काम है तो वहीँ बिना आम जनता की राय लिये सरकार के विकास कार्य जारी ही, 22 करोड़ के स्काई वाक की लागत 100 करोड़ पार तक पहुँच गई है, वहीँ अब राजधानी क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने और ग्रामीण-शहरी संपर्क मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने खारुन नदी पर उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग निर्माण को मंजूरी दे दी है।
मुख्य जिला मार्ग उरला–पठारीडीह–बेरला पर बनने वाली इस परियोजना के लिए 16 करोड़ 36 लाख 54 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के अनुसार स्वीकृति के बाद निर्माण प्रक्रिया तेज की जाएगी। निविदा प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण गुणवत्ता को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है और स्पष्ट किया है कि लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्यवाही होगी।
यह पुल विशेष रूप से बारिश के मौसम में राहत देगा। खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने पर इस मार्ग से आवागमन प्रभावित हो जाता है, जिससे लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता लेना पड़ता है। नए हाई-लेवल ब्रिज के बनने से वर्षभर निर्बाध आवाजाही संभव होगी। यातायात सर्वे के अनुसार इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक दबाव रहता है, खासकर शाम के समय। नया पुल शुरू होने के बाद वाहनों का दबाव विभाजित होगा, जिससे जाम की स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। जबकि खारुन पर बना वर्तमान पुल भी पर्याप्त है, लेकिन बारिश के समय नदी का पानी पुल को छूने लगता है।
पीडब्ल्यूडी ने पुल की रूपरेखा आगामी वर्षों की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की है। आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती आबादी और आवासीय विस्तार को देखते हुए इसे दीर्घकालिक समाधान के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने पर राजधानी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर और सुरक्षित सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा, वहीँ इसको लेकर स्थानीय वासियों ने आवश्यकता नही होने की बात कही है, क्यूंकि यहाँ उतनी भीड़ नहीं है।



