जशपुर : सौम्य स्वभाव के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपना 62वां जन्मदिवस बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बीच मनाया, जहाँ बच्चों के चेहरे पर अद्भुत ख़ुशी झलक रही थी। मुख्यमंत्री ने बगिया हेलीपैड के समीप स्थित बालक आश्रम बगिया पहुंचकर बच्चों के साथ केक काटा और उनके साथ आत्मीय समय बिताया। आश्रम के बच्चे मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर अत्यंत उत्साहित और प्रसन्न नजर आये। उत्साहपूर्वक सभी बच्चे उनके चारों ओर एकत्र हो गए और उनसे बातचीत करने लगे। मुख्यमंत्री ने बच्चों से स्नेहपूर्वक संवाद किया और उनका हालचाल जाना। उनके सहज, सरल और संवेदनशील व्यवहार से बच्चे भावविभोर हो उठे और खुशी से चहकते हुए उनसे बातें करते रहे। इस दौरान आश्रम परिसर में खुशियों और उत्साह का विशेष वातावरण देखने को मिला।
आश्रम परिसर में उस समय जो दृश्य था, वह एक परिवार के बीच मनाए जा रहे उत्सव जैसा महसूस हो रहा था। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट खिलाया। उन्होंने बच्चों के सिर पर हाथ फेरते हुए आशीर्वाद दिया और कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, बड़े सपने देखें और जीवन में आगे बढ़कर अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि आप सब बच्चों की मुस्कान मेरे जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार है। उनके इन स्नेहपूर्ण शब्दों ने बच्चों के मन को छू लिया। बच्चों की आँखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि यह पल उनके लिए कितना खास बन गया है। जब मुख्यमंत्री बच्चों से बात कर रहे थे, तब उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और अपनत्व बच्चों के मन में गहरा विश्वास जगा रहा था। बच्चे भी पूरी सहजता से उनसे बातें करते हुए खुशी से चहकते रहे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट वितरित कर उन्हें जन्मदिवस की खुशी में सहभागी बनाया। बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पांचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, अपने जीवन में आगे बढ़ें और अपने परिवार, समाज तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनायें भी दी। इस अवसर पर विधायक गोमती साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार तथा प्रशिक्षु आईएफएस यशस्वी मौर्य, भरत सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और आश्रम के शिक्षक और अन्य स्टाफ मौजूद रहे।



