स्कूल के बगल वाले घर में चल रहा था गंदा काम, बंदरिया वाली चला रही थी सेक्स रैकेट, मौका देख भागे अधनंगे युवक।

फिरोजाबाद (उ.प्र.) : फि‍रोजाबाद की वो बंदरिया वाली अब पुलिस की गिरफ्त में है। फि‍रोजाबाद की बदनाम गलियों में सेक्स रैकेट का व्यापार फल-फूल रहा था जिसकी मास्टरमाइंड ये अजीबोगरीब नाम वाली महिला बंदरिया वाली थी। वैसे तो इसका असली नाम रामश्री देवी है, लेकिन इसकी पहचान अब बंदरिया वाली के रूप में हो गई थी। ये कहानी शुरू होती है फिरोजाबाद के आजाद नगर से, यहां एक स्कूल के बिल्कुल बगल में सेक्स रैकेट का कम धड़ल्ले से चलता हुआ आ रहा था। थानाध्यक्ष रमित कुमार आर्य को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी कि बंदरिया वाली के घर के अंदर गंदे काम हो रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने छापा मारा, पुलिस ने जैसे ही घर में दस्तक दी तो वहां हड़कंप मच गया। इस मामले में लाइनपार पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार के आरोप में दो पुरुषों और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है।

‘भागो पुलिस आ गई’ :

जैसे ही पुलिस आंगन में दाखिल हुई, सेक्स रैकेट की संचालिका रामश्री उर्फ बंदरिया वाली जोर-जोर से चिल्लाने लगी, ‘भागो, पुलिस आ गई’ उसकी आवाज सुनते ही कमरे के अंदर से दो युवक अर्धनग्न अवस्था में बाहर की ओर भागे। लेकिन पुलिस पहले से ही तैयार थी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें भागने नहीं दिया और दोनों को पकड़ लिया। वहीं कमरे से निकल रही एक दूसरी महिला को महिला पुलिसकर्मियों ने भी मौका ए वारदात पर धर दबोचा।

कौन-कौन हुआ गिरफ्तार?

पुलिस ने बताया है कि रामश्री देवी उर्फ बंदरिया वाली इस गिरोह की असली मास्टरमाइंड थी। रेश्मा वो महिला है जिसे सेक्स रैकेट के लिए खास तौर पर यहां बुलाया गया था। दिनेश कुमार शर्मा और रामजी वो दो ग्राहक हैं जो मौके पर रंगे हाथ पकड़े गये है। मामले की पूछताछ में बंदरिया वाली ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, उसने बताया कि वह रेश्मा को अपने पास रखती थी और ग्राहकों से मोटी रकम वसूलती थी। पुलिस को मौके से आपतिजनक सामग्री और 4800 रुपये बरामद किये है, पकड़े गए ग्राहकों ने बताया कि सौदा महज 300-300 रुपये में तय हुआ था। पुलिस चारों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। यह कार्यवाही आजादनगर क्षेत्र में की गई है।

इस कार्यवाही में क्षेत्राधिकारी नगर प्रवीण कुमार तिवारी, थानाध्यक्ष रमति कुमार आर्य, उपनिरीक्षक विवेक चौहान, उपनिरीक्षक नरेश कुमार, महिला उपनिरीक्षक ज्योति तेवतिया, कांस्टेबल संतोष और महिला कांस्टेबल वैशाली चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बताया है कि यह कृत्य स्कूल के बगल में लम्बे समय से चल रहा था, लेकिन कोई शिकायत करने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था, उक्त आरोपी महिला से सभी डरते थे।