रायपुर गैस एजेंसी निलंबित, सिलेंडर ब्लैक में बेचने का आरोप, 12 हजार उपभोक्ताओं के लिये खड़ी हुई मुसीबत।

रायपुर : राजधानी में फाफाडीह स्थित रायपुर गैस एजेंसी को निलंबित कर दिया गया है, अब एजेंसी के निलंबन के बाद उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। जिसके बाद सोमवार सुबह बड़ी संख्या में उपभोक्ता एजेंसी पहुंचे, जहां एक माह पहले से बुकिंग के बावजूद सिलिंडर नहीं मिलने पर आक्रोश भड़क गया। जिसके बाद एजेंसी के बाहर पहले ही स्टाक खत्म होने का बोर्ड लगा दिया गया था, इसके बावजूद लोग सुबह छह बजे से लाइन में लगे रहे। फिर जब मौके पर कर्मचारियों द्वारा फिर से गैस नहीं होने की जानकारी देने पर उपभोक्ताओं ने हंगामा कर दिया और कार्यालय में तोड़फोड़ भी की, जिससे माहौल गर्मा गया।

पुराने बुकिंग वालों को गैस नहीं दी जा रही :

इस मामले में उपभोक्ताओं का आरोप है कि पुराने बुकिंग वालों को गैस नहीं दी जा रही है, जबकि नये ग्राहकों से 500-600 रुपये अतिरिक्त लेकर सिलिंडर दिया जा रहा है, जिससे पुराने उपभोक्ताओं के साथ धोखा हो रहा है और सिलेंडर की कालाबाजारी खुद एजेंसी द्वारा की जा रही है। बता दें कि 12 हजार उपभोक्ताओं में से 11 हजार को राजेंद्र एचपी और एक हजार को शांति एचपी में मर्ज किया गया है, लेकिन वितरण व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पाई है, जिससे उपभोक्ता अब दुगुने परेशान है।

मर्ज के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था :

रायपुर गैस एजेंसी के निलंबन के बाद उपभोक्ताओं को राजेंद्र एचपी और शांति एचपी में मर्ज किया गया है। प्रशासन का दावा है कि नई एजेंसियों के माध्यम से वितरण शुरू कर दिया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अब भी खराब हैं। उपभोक्ताओं को एजेंसी और गोदाम के बीच बार-बार भेजा जा रहा है। कहीं स्टाक नहीं होने की बात कही जा रही है, तो कहीं वितरण में देरी हो रही है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अतिरिक्त रकम लेकर सिलिंडर देने का आरोप :

इसके साथ ही कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि गैस एजेंसी में अवैध वसूली की जा रही है। नए ग्राहकों से 500 से 600 रुपये अतिरिक्त लेकर सिलिंडर दिया जा रहा है, जबकि पुराने बुकिंग वालों को लगातार टाल दिया जा रहा है। कुछ लोगों ने बताया कि एजेंसी और गोदाम दोनों जगह अलग-अलग कारण बताकर उन्हें भटकाया जा रहा है। इस मामले में हेतराम जांगड़े ने बताया है कि उन्होंने 14 मार्च को गैस के लिए नंबर लगाया था, लेकिन अब तक सिलिंडर नहीं मिला है। कई बार एजेंसी के चक्कर लगाने के बाद भी केवल इंतजार करने को कहा जा रहा है। उनका कहना है कि पहले नियमित रूप से गैस मिल जाती थी, लेकिन अब व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है और आम लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।

कर्मचारी कह रहे स्टाक खत्म :

वहीँ सरकार द्वारा भरपूर स्टॉक की बात कही जा रही है, लेकिन उपभोक्ता परेशान है, इसको लेकर अरविंद यादव ने बताया कि उनके मोबाईल पर ओटीपी भी आ गया था, जिससे उम्मीद थी कि गैस मिल जाएगी, लेकिन एजेंसी पहुंचने पर सिलिंडर नहीं मिला। कर्मचारियों ने स्टाक खत्म होने की बात कहकर वापस भेज दिया। यह स्थिति बेहद परेशान करने वाली है और कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है।

घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिला सिलिंडर :

वहीँ दूसरे मामले में बिमला पवार ने बताया है कि वह सुबह छह बजे से लाइन में लगी हुई थीं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी गैस नहीं मिली। उन्हें एजेंसी से गोदाम और गोदाम से एजेंसी भेजा जाता रहा। इस दौड़भाग में पूरा दिन निकल गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने व्यवस्था सुधारने की मांग की है। वहीँ सिलेंडर ना मिलने से उपभोक्ता परेशान है।