बिलासपुर : कई बार चोरी के मामलों में घर के लोग ही निकले है, वर्तमान में जहाँ महंगे शौक और दोस्तों के साथ घूमने फिरने के फेर में नाबालिग चोर बन रहे हैं, अब शहर में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें आरोपी चोर नाबालिग है, जिसको लेकर कार्यवाही करना एक पेचीदगी भरा साबित साबित हो रहा है, सामने आया ताजा मामला सकरी क्षेत्र में आया है, जिसने पुलिस और परिजन दोनों को उलझाकर दिया है। इस मामले में मिली जानकारी के मुताबिक, सकरी थाना क्षेत्र के आसमा सिटी में रहने वाले सतीश मिश्रा के नाबालिग बेटे ने नगदी और जेवर के बाद अपनी मां के खाते से एटीएम द्वारा पैसे निकाल लिया था और इसके बाद दोस्तों के साथ घूमने और महंगे शौक में उसने अपने ही घर के लाखों रुपए उड़ा दिये और फिर नकली जेवरात रख दिया था।
परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो नाबालिग बेटे ने दोस्तों के दबाव और धमकी में आकर घर में चोरी की बात कही। इस मामले में पुलिस और प्रार्थी दोनों आमने-सामने हैं। प्रार्थी पुलिस पर कार्यवाही न करने का आरोप लगा रहे हैं, तो पुलिस लगातार बयान बदलकर जांच को गुमराह करने की बात कह रही है। इस कारण कार्यवाही को लेकर उलझन बन गई है।
शौक पूरा करने की नाबालिग ने की चोरी : टीआई विजय
इस मामले में सकरी थाना प्रभारी विजय चौधरी ने बताया है कि उधार चुकावे और शौक को पूरा करने के लिए प्रार्थी के नाबालिग बेटे ने अपने ही घर से असली गहने चुराकर गिरवी रख दिये, जिसके बदले में पैसे को वह खर्च कर चुका है और यह सब बताने पर प्रार्थी ने लिखित में दिया है कि वह आगे कोई कार्यवाही नहीं चाहते हैं। उसके बाद फिर नाबालिग की मां के एटीएम से भी पैसे निकाले जाने की भी शिकायत देकर फिर से जांच की मांग की गई। इस संबंध में टीआई विजय ने कहा कि दो नोटिस देने के बाद भी बयान दर्ज कराने के लिए नहीं आये, वहीँ सोने के संबंध में बिल प्रस्तुत नहीं कर रहा है, सिर्फ मौखिक रूप से अनर्गल बातें कर के पुलिस की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है, ऐसे में पुलिस क्या कर सकती है।
वहीँ प्रार्थी का कहना है कि उसके बेटे ने जो भी किया है, वह अपने दोस्तों के दबाव में किया है, तो वहीं टीआई ने कहा है कि इस संबंध में प्रार्थी और उसके बेटे का बयान दर्ज किया जा चुका है। सभी बयान ऑन रिकॉर्ड उपलब्ध है, दबावपूर्वक बयान दर्ज कराने के आरोपों पर कहा कि एक महीने बाद दबाव याद आ रहा है, तो वह इस पर कुछ नहीं कह सकते हैं। ऐसे में कार्यवाही करें या नहीं ये नाबालिग के माता पिता को तय करना है।



