जिम जाने के दौरान लिफ्ट में फंसी IAS अधिकारी ऋचा शर्मा, वेंटिलेशन और लाइट की कमी से बिगड़ी हालत।

रायपुर : मशीने कभी भी धोखा दे सकती है, ऐसे में हर समय हर स्थिति के लिये सचेत रहना चाहिये, वहीँ सामने आया मामला है छत्तीसगढ़ शासन की असिस्टेंट चीफ सेक्रेटरी ऋचा शर्मा सोमवार सुबह वीआईपी रोड स्थित करेंसी टावर की लिफ्ट में करीब 20 मिनट तक फंसी रहीं। यह घटना सुबह लगभग 6:30 बजे उस समय हुई है, जब वे श्रीराम मंदिर चौक के पास स्थित इस कॉम्प्लेक्स में साईकस जिम जाने के लिए लिफ्ट से ऊपर जा रही थीं, तभी लिफ्ट बंद हो गई।

बताया गया है कि लिफ्ट अचानक बीच में रुक गई थी, जिससे अंदर फंसी ऋचा शर्मा को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लिफ्ट में न पर्याप्त रोशनी थी और न ही वेंटिलेशन की कोई व्यवस्था। इन परिस्थितियों में उनकी घबराहट बढ़ गई और तबीयत भी बिगड़ने लगी, लिफ्ट जहाँ बंद हुई वहां काफी गर्मी थी और हवा भी नहीं आ रही थी।

मोबाईल के जरिए मांगी मदद :

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने अपने मोबाईल फोन के जरिए प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने राज्य के ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव को भी फोन कर करेंसी टावर में बिजली और पावर बैकअप की स्थिति की जानकारी ली। वहीँ करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला गया और उन्हें बाहर निकाला गया। हालांकि बाहर आने के बाद भी उनकी स्थिति सामान्य होने में कुछ समय लगा। इस घटना ने मौके पर मौजूद लोगों को भी चिंतित कर दिया, वहीँ गर्मी में लिफ्ट अगर बीच में बंद हो जाये तो यह काफी घातक भी साबित हो सकता है।

पहले भी सामने आ चुकी हैं शिकायतें :

स्थानीय लोगों के अनुसार, करेंसी टावर में लिफ्ट फंसने की यह पहली घटना नहीं है। सातवीं मंजिल पर संचालित साईकस जिम में रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं, जिनमें प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं। इसके बावजूद लिफ्ट की खराब स्थिति को लेकर प्रबंधन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कई बार यहाँ लोग परेशान होते रहते है। नियमों के अनुसार, ऐसे बड़े कॉम्प्लेक्स में पावर बैकअप, इमरजेंसी लाइट, अलार्म सिस्टम और हेल्पलाइन नंबर अनिवार्य होते हैं। लेकिन करेंसी टावर में इन सुविधाओं का अभाव साफ नजर आया। दुकानदारों और जिम जाने वालों ने पहले भी शिकायत की थी, लेकिन सुधार नहीं हुआ। अब सवाल उठ रहा है कि SDRF, नगर निगम और फायर सेफ्टी विभाग इस मामले में क्या कार्यवाही करेंगे। ऐसे में अगर आवश्यक कार्यवाही नहीं की जाती है तो यह आगे घातक रूप ले सकता है।