MDMA ड्रग्स बेचने के दौरान ग्राहक तलाशते पकड़ाये आरोपी, लाखों का माल पुलिस ने किया जब्त।

बिलासपुर : राज्य में बढ़ता नशे का कारोबार चिंताजनक है, ऐसे ही छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चक्करभाठा पुलिस ने एमडीएमए ड्रग्स बेचने की फिराक में घूम रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 26.05 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स और एक कार भी जब्त की है। इस जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 12 लाख 95 हजार 500 रुपये बताई जा रही है। यह ड्रग्स काफी हानिकारक होती है, इस ड्रग्स के चलते कई लड़कियों की जिन्दगी खराब हो जाती है।

MDMA ड्रग्स बेचने के लिए तलाश रहे थे ग्राहक :

दरअसल, इस मामले में पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम रहंगी के खोलीभाटा मैदान में कार क्रमांक CG 28 L 8130 में दो व्यक्ति मादक पदार्थ एमडीएमए रखकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश कर रहे हैं। इसकी सूचना मिलते ही चक्करभाठा पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।

पुलिस द्वारा आरोपियों को घेराबंदी करके पकड़ा गया :

इस दौरान पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे, जिन्हें टीम ने घेराबंदी कर पकड़ा गया है। तलाशी के दौरान उनके पास से एमडीएमए ड्रग्स बरामद हुआ है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे नशीला पदार्थ बिक्री के उद्देश्य से लेकर आये थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। यह नशीली ड्रग्स पबों में काफी चलती है, जहाँ नशे के आदि युवा इनका बेख़ौफ़ प्रयोग करते है। गिरफ्तार आरोपी चंद्रेश बलेचा और महेश वर्मा दोनों चकरभाठा के रहने वाले हैं। पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर कार्यवाही कर रही है। आम लोगों से भी पुलिस ने कहा है कि नशे का सेवन ना करें।

MDMA ड्रग्स क्या है और इसके प्रभाव :

एमडीएमए एक ही समय में कामोत्तेजक और मतिभ्रम पैदा करने वाला दोनों तरह का असर दिखाता है। इसके सेवन से शरीर में ऊर्जा बढ़ जाती है, और लोगों में अत्यधिक उत्साह, खुलापन, नग्नता और दूसरों के प्रति आकर्षण की भावना पैदा होती है। जिससे इस ड्रग्स का प्रयोग बदमाश युवा लड़कियों के साथ घिनौना काण्ड करने में करते है।

1. सामान्य अथवा हल्की मात्रा (लगभग 50-100 mg) : इस मात्रा में एनर्जी बढ़ती है, और मूड अच्छा होता है, प्यार और सहानुभूति की भावना आती है, और संकोच भी काफी हद तक खत्म होता है।

2. मध्यम/उच्च मात्रा (लगभग 100-150 mg) : इसमें नशे के तीव्र प्रभाव के साथ मतिभ्रम भी हो सकता है। तेज आवाज और रोशनी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है। इसका असर 3 से 6 घंटे तक रहता है, जिसमें व्यक्ति काफी उत्तेजित रहता है। 

3. घातक मात्रा (200 mg से अधिक) : यह मात्रा शरीर के तापमान को बहुत बढ़ा देती है, जिससे दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट, दौरे, डिहाइड्रेशन और मल्टी-ऑर्गन फेलियर (हृदय, लिवर या किडनी का काम बंद करना) का खतरा होता है। अधिक मात्रा जानलेवा भी हो सकती है। ऐसे में इस दवाई का सेवन करना हानिकारक हो सकता है।

चेतावनी और सावधानी : अवैध रूप से बेची जाने वाली गोलियों या पाउडर में कोई निश्चित मात्रा नहीं होती है। इनमें एमडीएमए के साथ-साथ अन्य खतरनाक केमिकल भी मिले हो सकते हैं। सुरक्षित रहने के लिए किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिये। इसके बड़े दुष्प्रभाव हो सकते है, यदि आप या आपका परिचित नशामुक्ति में मदद चाहता है, तो स्थानीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ या पुनर्वास केंद्र से संपर्क करें।