गाजियाबाद (उ.प्र.) : जिले के चर्चित ‘सूर्या हत्याकांड’ की आग अब पीलीभीत तक पहुंच गई है। बकरीद के दिन हुए इस हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को पकड़ने के लिए गाजियाबाद पुलिस टीम पीलीभीत पहुंची, गाजियाबाद पुलिस ने सूर्या हत्याकांड में शामिल पीलीभीत में रहने वाले दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद के चर्चित सूर्या हत्याकांड के सिलसिले में पुलिस टीम पीलीभीत पहुंची थी। बताया गया कि गाजियाबाद पुलिस ने पीलीभीत के रहने वाले फरहान और आतिफ को इस हत्याकांड के आरोप में गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है। इन पर भी हत्या में शामिल होने के आरोप है।
जानकारी के मुताबिक, ये दोनों युवक काफी समय से गाजियाबाद में ही काम कर रहे थे। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी फरहान ने ही मुख्य आरोपी असद को हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू उपलब्ध कराया था। पुलिस द्वारा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस की एक टीम हाल ही में पीलीभीत पहुंची थी।
गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म :
पुलिस ने शहर के बुजकसावान मोहल्ले में स्थित आरोपियों के घरों पर दबिश दी और उनके परिजनों से लंबी पूछताछ की। अचानक पुलिस को अपने बीच पाकर पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। इस घटना को लेकर स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि उनके बीच रहने वाले ये युवक इतनी बड़ी वारदात में कैसे शामिल हो गये, जो उनके लिये चौंकाने वाली बात है हालांकि, दोनों आरोपियों के परिवारों का आपराधिक इतिहास भी सामने आ रहा है। फिलहाल पुलिस इस हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई है।
पुलिस एनकाउंटर में ढेर हुआ हत्याकांड का आरोपी :
दिनांक 28 मई 2026 को हुए गाजियाबाद के चर्चित सूर्या हत्याकांड का आरोपी असद पुलिस एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया है। उधर, प्रशासन ने सूर्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब के घर पर नोटिस चस्पा किया है। जांच में पता चला है कि उनका यह मकान सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बना हुआ है। प्रशासन ने 15 दिन के भीतर संबंधित से जवाब मांगा है, यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो मकान पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया जायेगा। आपको बता दें कि सूर्या हत्याकांड, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में खोड़ा क्षेत्र के नवनीत विहार में 17 वर्षीय छात्र सूर्या प्रताप चौहान की चाकू गोदकर नृशंस हत्या की गई थी। यह घटना 28 मई 2026 को बकरीद के दिन घटी थी, जिसने पूरे क्षेत्र में व्यापक आक्रोश और तनाव पैदा कर दिया था।



